Mumbai, Antilia Bomb Case, Antilia, Pradeep Sharma, Mansukh Hira Murder Case, : सुप्रीम कोर्ट ने एंटीलिया बम कांड मामले (Antilia bomb scare case) में पूर्व पुलिस अधिकारी (Former Police officer ) प्रदीप शर्मा (Pradeep Sharma) को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है. एंटीलिया बम कांड मामले और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के सिलसिले में मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने अंतरिम जमानत के लिए एक नया आवेदन दायर किया था.
न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अवकाश पीठ ने यह देखते हुए शर्मा को राहत दी कि उनकी पत्नी की सर्जरी होनी है.
शीर्ष अदालत ने कहा कि शर्मा को निचली अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के अधीन अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा. पीठ ने कहा, 26 जून, 2023 को सूची. उस दिन याचिकाकर्ता एक मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसमें याचिकाकर्ता की पत्नी के इलाज की स्थिति का संकेत होगा.
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जमानत देने का विरोध किया. इससे पहले, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने तर्क दिया था कि शर्मा बिना किसी इंटरलोक्यूटरी आवेदन (अपील में आवेदन पहले से ही स्थापित) दाखिल किए बिना अंतरिम जमानत की मांग कर रहे थे.
शर्मा की ओर से पेश वकील ने मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत मांगी थी और कहा था कि याचिकाकर्ता की पत्नी को एक सर्जरी के बाद गंभीर जटिलताएं हो गई हैं. उन्होंने दावा किया था कि शर्मा की पत्नी की हालत हर बीतते दिन के साथ बिगड़ती जा रही थी और वह उनकी देखभाल के सीमित उद्देश्य के लिए अंतरिम जमानत मांग रहे थे.
शीर्ष अदालत ने बंबई हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली शर्मा की याचिका पर 18 मई को नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था. जिस तरह से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच की थी, उस पर उच्च न्यायालय ने नाराज़गी जताई थी.
इसने नोट किया था कि एनआईए की जांच उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के बाहर खड़ी एक एसयूवी में जिलेटिन की छड़ें लगाने में बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाज़े के साथ शामिल सह-षड्यंत्रकारियों पर चुप थी. 25 फरवरी, 2021 को दक्षिण मुंबई में अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के पास विस्फोटक से लदी एसयूवी मिली थी. 5 मार्च, 2021 को पड़ोसी ठाणे में व्यवसायी और SUV मालिक हिरेन एक नाले में मृत पाया गया था.
पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा मुंबई पुलिस के उन पुलिस अफसरों दया नायक, विजय सालस्कर और रवींद्रनाथ आंग्रे में से एक है, जिन्होंने मुंबई में कई मुठभेड़ों में 300 से अधिक अपराधियों को मार डाला था. उन्होंने अपने पूर्व सहयोग वाज़े को हिरेन को खत्म करने में मदद की थी.
सालस्कर की 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दौरान मौत हो गई थी. शर्मा ने विशेष एनआईए अदालत के फरवरी 2022 के आदेश को चुनौती देते हुए पिछले साल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. शर्मा को इस मामले में जून 2021 में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. (PTI)
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