उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के रोड शो के दौरान जमकर मारपीट हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके रोड शो के दौरान सामने से भी एक जुलूस आ रहा था, दोनों पक्षों में आगे निकलने को लेकर झड़प हुई। राज्य मंत्री बनने के बाद पहली बार जिले में आई केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल समर्थकों के साथ रविवार दोपहर एक बजे के बाद रानीगंज इलाके में आभार यात्रा निकाल रही थीं। यह भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट: जावड़ेकर का प्रमोशन, अठावले और अनुप्रिया सहित 19 नए चेहरों को मिली एंट्री

अनुप्रिया को चार विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरना था। अनुप्रिया पटेल उनके साथ समर्थकों और गाड़ियों का लंबा काफिला था। केंद्रीय मंत्री के प्रोटोकाल में सीओ रानीगंज अशोक सिंह आगे-आगे चल रहे थे। रानीगंज बाजार पार करते ही शिवगढ़ ब्लाक के बीडीसी विनोद दुबे की अगुवाई में निकला बाइक जुलूस सामने आ गया। विनोद व उसके समर्थक मार्ग में खड़े हो गए।  यह भी पढ़ें: अनुप्रिया पटेल जातीय समीकरण के कारण भाजपा के लिए अहम

अनुप्रिया व उनके पीछे एक दो गाड़ियों के गुजरने के बाद मार्ग जाम कर दिया गया। विनोद के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। काफिले के वाहन फंसे देख विधायक डॉ. वर्मा ने अपनी गाड़ियां रुकवा दी। इस बीच डॉ. वर्मा व विनोद के बीच झड़प हो गई। इस दौरान भारी संख्या में कार्यकर्ता जमा थे।

केंद्रीय राज्यमंत्री के काफिले को पास न मिलता देख पुलिसबल व अपना दल समर्थक वाहनों से उतर पड़े। इस दौरान दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई जिससे माहौल गरमा गया। वाहनों के पास को लेकर अपना दल व सपा समर्थक आमने-सामने आ गए। विधायक डा. आरके वर्मा ने सपा समर्थकों को बाइक हटाने के लिए कहा, इस दौरान सपाइयों ने विधायक के साथ हाथापाई की और अपना दल समर्थक अरविंद पटेल समेत अन्य को पीट दिया। काफिले पर पथराव भी हुआ। पुलिस तमाशबीन की मुद्रा में खड़ी रही।

कुछ देर बाद विनोद व उनके समर्थक चले गए। इधर अनुप्रिया पटेल अपना रोड शो स्थगित कर समर्थकों संग धरने पर बैठ गईं। शाम को धरने में भाजपाई भी शामिल हो गए।भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री व विधायक पर प्रदेश सरकार के इशारे पर हमला हुआ है।

उधर, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल ने आरोपी बीडीसी सदस्य विनोद को समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता मानने से ही इन्कार कर दिया है। कहा, वह सपा का झंडा लगाकर कैसे घूम रहा है, इसकी जांच की जाएगी। पूर्व मंत्री व रानीगंज के सपा विधायक शिवाकांत ओझा ने भी घटना की निदा की है।

इस मामले में अनुप्रिया पटेल का कहना है कि प्रदेश में गुंडों की सरकार है। इस सरकार में जब उन जैसी मंत्री सुरक्षित नही हैं और उनकी यात्रा को रोका गया, समर्थकों को धमकाया गया, खुलेआम गुंडई की गई। तो आम महिलाओं और जनता का क्या हाल होगा।