मुंबई: फैंटम फिल्म्स के अपने सहयोगी विकास बहल के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर फिल्मकार अनुराग कश्यप ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उनके वकीलों ने इस मामले में उन्हें सही सलाह नहीं दी थी. कश्यप ने कहा कि सीमित विकल्प को देखते हुए कंपनी ने मजबूत नैतिक रुख अपनाया, जिसमें बहल को कार्यालय परिसर से दूर रखना और उनसे हस्ताक्षर करने के अधिकार ले लेना शामिल थे. फिल्मकार ने कहा कि जिसने भी इस बारे में निजी तौर पर उनसे बात की तो उन्होंने बहल की निंदा की. Also Read - #Mee Too: यौन उत्तपीड़न के आरोप में घिरे पूर्व मंत्री एमजे अकबर बोले- रमानी को मुझ पर इस तरह का आरोप लगाने का कोई हक नहीं

‘हफपोस्ट इंडिया’ में हाल में छपे एक लेख में हाल ही में भंग किए गए प्रोडक्शन बैनर की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने आरोपों को दोहराते हुए मई 2015 की घटना के बारे में विस्तार से बताया है. Also Read - कंगना रनौत ने इस महान हस्ती को बताया अपना 'गुरु', कहा- आप का मुझ पर अधिकार है

रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने कहा कि उन्होंने कश्यप से संपर्क किया और घटना के बारे में विस्तार से बताया, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. बहल उनका तब तक उत्पीड़न करते रहे जब तक उन्होंने कंपनी छोड़ नहीं दी. Also Read - कंगना रनौत ने कहा- लव जिहाद कानून सही है, रेप करने वालों को सऊदी अरब की तरह फांसी हो

ट्विटर पर दो पृष्ठों के एक बयान में कश्यप ने कहा है कि उनके वकीलों ने उन्हें बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, जिसके आधार पर फैंटम फिल्म्स से बहल को हटाया जा सके. सात साल पहले फैंटम फिल्म्स की स्थापना की गई थी.

बयान में उन्होंने लिखा, ”फैंटम के अंदर रहते हुए मेरे पार्टनर और उनके वकीलों ने मुझे जो बताया, मैं जो कर सकता था, मैंने किया. कानूनी और वित्तीय फैसलों के लिए मैं पूरी तरह से अपने पार्टनर और उनकी टीम पर निर्भर था. वे उन सभी चीजों का ध्यान रखते थे, ताकि मैं उन चीजों पर ध्यान दे सकूं, जिन्हें मैं बेहतर, रचनात्मक तरीके से कर सकता था. किसी भी मामले में उनका और उनकी टीम का फैसला हम सबके लिए अंतिम होता था.”

कश्यप ने कहा, ”तब मुझे जो कानूनी सलाह दी गई उसके अनुसार मुझे बताया गया था कि हमारे पास बेहद सीमित विकल्प हैं. अब जब मैं खुद उन बातों पर गौर कर रहा हूं तो मैं कह सकता हूं कि मुझे गलत सलाह दी गई थी.”