Anurag Thakur Profile: देश के वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर बीते दिनों खूब चर्चा में थे. अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में एक सभा को संबोधित करते हुए विवादित बयान दिया था. उन्होंने मंच से देश के गद्दारों को गोली मारो…..को का नारा लगवाया था. हालांकि इस मामले पर आम आदमी की पार्टी की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई. चुनाव आयोग ने सजा के तौर पर अनुराग ठाकुर को भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर करने का आदेश देते हुए उनपर प्रचार करने समेत पाबंदियां लगा दी. आज देश का आम बजट पेश होने वाला है. ऐसे में देश की वित्त मंत्री के बारे में तो आपको पता चल ही जाएगा. लेकिन हम आपको वित्त  राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के बारे में बताने वाले हैं. हम आपको बताएंगे कि अनुराग ठाकुर एक सैनिक रहने होने के साथ-साथ सफल राजनेता व पति भी हैं.

कौन है अनुराग ठाकुर

देश वित्त राज्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्टूबर 1974 को हमीरपुर में हुआ था. राजनीति में आने से पहले अनुराग एक सैन्य अधिकारी थे. अनुराग की स्कूल की पढ़ाई जालंधर के दयानंद मॉडल स्कूल से हुई है. साल 2008 में अनुराग ने राजनीति में एंट्री ली और अपने पिता के राजनीतिक विरासत को आगे लगे गए. अनुराग ठाकुर भाजपा की तरफ से 14वीं, 15वीं, 16वीं और 17वीं बार लोकसभा के लिए चुने गए.  मई 2016 में अनुराग भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष चुने गए. 26 जुलाई 2016 में भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें Territorial army में नियमित कमिशन्ड ऑफिसर बनाया गया. बता दें कि अनुराग ऑल इंडिया भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वह अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्राफी में पंजाब की कप्तानी भी कर चुके हैं.

केंद्रीय मंत्री की बेटी से की शादी

अनुराग ठाकुर की वैवाहिक जीवन की अगर बात करें तो उन्होंने साल 2002 में शादी की थी. इस दौरान वह सेना में थे. अनुराग की पत्नी का नाम शेफाली है. शेफाली अपनी खूबसूरती की वजह से कई बार सुर्खियों में आ चुकी हैं. बता दें कि शेफाली हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री रहे गुलाब सिंह ठाकुर की बेटी हैं. बता दें कि इनके दो बेटे जयादित्य और उदयवीर है.

अनुराग की खानदानी राजनीति

राजनीतिक रूप से अनुराग ठाकुर का परिवार सक्षम है. अनुराग के पिता प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) हिमाचल प्रदेश के 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 1984 में धूमल ने संसदीय चुनावों में भाग लिया और हार का सामना करना पड़ा. साल 1989 में धूमल ने एक बार फिर चुनावों में भाग लिया और सफलता हाथ आई. 1991 में उन्हें दोबारा हमीरपुर की लोकसभा सीट से जीत हाथ लगी और उन्हें हिमाचल प्रदेश की बीजेपी इकाई के अध्यक्ष के तौर पर चुना गया. अनुराग के पिता 1998 के विधानसभा चुनावों में बमसन क्षेत्र से जीतकर प्रदेश में भाजपा-हिविंका गठबंधन के मार्च 1998 से मार्च 2003 तक मुख्यमंत्री रहे. इसके बाद दिसंबर 2007 से दिसंबर 2012 तक वह दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे.