नई दिल्ली: अपने बयानों से हमेशा सुर्ख़ियों में रहने वाले केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि मोदी सरकार के वित्तीय संस्थानों में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में कमी लाने के प्रयास के कारण ऋण शोधन एवं दिवाला कार्यवाही के जरिए 4 लाख करेाड़ रुपये की वसूली हुई है जो बड़ी उपलब्धि है. भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान के 70वें सालाना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में फंसे कर्ज लाने के लिये प्रयास किये हैं. दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता के तहत फंसे कर्ज में से 4 लाख करोड़ रुपये की वसूली एक बड़ी उपलब्धि है. ठाकुर ने कहा कि सरकार आधार होने पर पैन कार्ड उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है. इसमें कोई अन्य दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी. Also Read - राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर हो रही दिक्कत, पीएम मोदी ने की समीक्षा बैठक; दिए कई निर्देश

वहीं दूसरी तरफ राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि वित्त मंत्रालय को कम-से-कम 80 प्रतिशत करदाताओं के नई आयकर व्यवस्था अपनाने की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में नई कर श्रेणी का प्रस्ताव किया गया. लेकिन इसे अपनाने पर करदाताओं को आवास ऋण ब्याज, अन्य कर बचत योजनाओं समेत मौजूदा छूट और कटौतियों का लाभ छोड़ना होगा. Also Read - Post Office Saving Account: पोस्ट ऑफिस बचत खाते को लेकर आई बड़ी खबर, अब घटकर आधी हो गई पेनाल्टी

सरकार ने बजट में नई कर व्यवस्था का प्रस्ताव किया है. इस व्यक्तिगत आयकर की नई व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत की दर से, 5 से 7.5 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, 7.50 से 10 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये की आय पर 20 प्रतिशत और 12.5 से 15 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत तथा 15 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है. नई कर व्यवस्था वैकल्पिक है और करदाता पुरानी या नई व्यवस्था में से किसी एक का चयन कर सकते हैं. Also Read - वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 12 प्रतिशत बढ़कर 10.71 लाख करोड़ रुपये हुआ

 

इनपुट- भाषा