नयी दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम को उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुये कहा कि उन्हें किसी भी अंतरिम राहत के लिये दिल्ली उच्च न्यायालय जाना चाहिए. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से कहा कि कार्ति का मामला उचित पीठ को आबंटित किया जाये ताकि इस पर कल सुनवाई हो सके. Also Read - ट्यूशन फीस माफ करने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर, जानिए क्या है पूरा मामला 

शीर्ष अदालत ने छह मार्च को इस मामले में कार्ति को किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया था. कार्ति ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर यह निर्देश देने का अनुरोध किया था कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा15 मई, 2017 को दर्ज प्राथमिकी में लगाये गये आरोपों से इतर किसी भी प्रकार की जांच करने का प्रवर्तन निदेशालय को अधिकार नहीं है. Also Read - विकास दुबे के एनकाउंटर से चंद घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई थी याचिका, हत्या की जताई गई थी आशंका, जानें सच

उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी समन और इस मामले की सारी कार्यवाही निरस्त करने का भी अनुरोध न्यायालय से किया था. कार्ति को28 फरवरी को विदेश से चेन्नै पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वह इस समय सीबीआई की हिरासत में हैं. Also Read - तमिलनाडु सरकार ने कहा- मेडिकल, डेंटल सीटों पर अखिल भारतीय कोटा में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए उठा रहे हैं कदम

आईएनएक्स मीडिया को विदेश से305 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त करने के लिये2007 में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी में कथित अनियमित्ताओं को लेकर सीबीआई ने यह प्राथमिकी दर्ज की थी. बोर्ड की मंजूरी के समय पी. चिदम्बरम वित्त मंत्री थे.