एपीजे अब्दुल के आखिरी पलों में उनके साथ रहे सृजन पाल सिंह ने डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक फेसबुक अपडेट किया है। इसी अपडेट को हम आपसे साझा करना चाहते हैं। सृजन पाल सिंह डॉ. कलाम के निकटतम सहयोगियों में से एक थे। आइये देखते हैं कि सृजन पाल सिंह ने कैसे बयां की डॉ. कलाम की आखिरी पलों की कहानी। Also Read - Rajiv Kapoor Death: करीना कपूर ने शेयर की चाचा राजीव कपूर की पुरानी तस्वीर, बोलीं- टूटी हुई हूं लेकिन...

“क्या कहूँ, उस महान डॉ. कलाम के बारे में, जिनके साथ मैं लम्बे समय तक रहा, पर किसे पता था कि २७ जुलाई उनके साथ मेरा आखिरी दिन होगा। उनसे आखिरी बार बात किये 8 घंटे हो चुके हैं, पर अब भी मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वे मेरे साथ अब कभी बात नहीं करेंगे और यही बात सोचकर मेरे आंसू निकल रहे हैं। हमारे दिन की शुरुआत हुई दोपहर  १२ बजे हुई, जब हम शिलौंग के लिए रवाना हुए। पूरे रास्ते वे कई विषयों पर बात करते रहे। उन्हें पंजाब में हुए आतंकी हमले में गई निर्दोषों की जान के लिए काफी अफ़सोस था, इस बात से वे काफी चिंतित थे। इसके बाद हमने संसद में हो रही सभाओं में हंगामे की बात पर बातचीत की। खासतौर पर उनका ये मानना था की इससे आम लोगों को काफी तकलीफ हो रही है। Also Read - Rajiv Kapoor Last Rites: आज ही होगा राजीव कपूर का अंतिम संस्कार, रणबीर, करीना, अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे, देखिए तस्वीरें

हम करीब ढाई घंटे की यात्रा के बाद शिलौंग पहुंचे। इस पूरे रास्ते उन्होंने आराम नहीं किया, बल्कि मुझसे बातें करते रहे। जैसे ही हम आईआईएम पहुंचे, मैंने लेक्चर की तैयारी की। उसके बाद उन्होंने मुझसे पूछा, ‘सब ठीक है न?’। और यही मुझसे कहे उनके आखिरी शब्द थे। उन्होंने अपना भाषण की शुरुआत की। २ मिनिट बाद मुझे लगा की वो अचानक चुप हो गए हैं, मैंने जैसे ही उपर देखा, उन्हें गिरते पाया। मैंने उन्हें उठाने की कोशिश की और डॉक्टर को इत्तिला दी और उन्हें हॉस्पिटल ले गए। इसके बाद हमसे जो हो पाया, हमने किया, पर हम उन्हें बचा नहीं पाए। Also Read - Dr APJ Abdul Kalam Birth Anniversary: मिसाइल ही नहीं Heart Stent बनाकर दुनिया को बताया क्या चीज थे अब्दुल कलाम, जानिए उनकी 5 उपलब्धियां

उस महान इंसान की मौत हो चुकी थी, जिसने अपनी पूरी ज़िन्दगी इस देश को समर्पित कर दी थी। मैंने उनके चरण स्पर्श किए और इस जन्म के लिए उनसे विदा कहा।