नई दिल्ली, 18 जनवरी | अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आगमन की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, तमाम तरह के सवाल सामने आ रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस उच्चस्तरीय दौरे को लेकर चुप्पी साध ली है। कई सवालों में एक सवाल यह भी है कि क्या इस बार मिशेल ओबामा साड़ी पहनेंगी?  राष्ट्रपति बराक ओबामा कब आ रहे हैं? दिल्ली में कितने दिन रहेंगे और अन्य किन स्थानों पर वह जाएंगे? किस होटल में ठहरेंगे? क्या उनके साथ उनका वाहन बीस्ट भी आएगा या फिर वह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के काले लिमोजीन में यात्रा करेंगे?

पत्रकारों के अनंत सवाल हैं जो वह जानना चाहते हैं और यह जानकारी लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन उनके सवालों को या तो बस केवल सुन लिया जाता है या फिर विनम्रता से उससे ध्यान हटा लिया जाता है। ओबामा के दौरे के संबंध में कुछ मजेदार सवाल इस प्रकार हैं- क्या अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी बेटियों मालिया और साशा के साथ आ रहे हैं? क्या मिशेल ओबामा इस बार साड़ी पहनेंगी?

इस तरह की जिज्ञासाओं की वजह है, ओबामा के 2010 के दौरे के दौरान मिशेल ओबामा उनके साथ आई थीं और उनकी बेटियां नहीं आई थीं। मिशेल ने उस वक्त भारतीय परिधान में रुचि नहीं दिखाई थी और वह ज्यादातर स्कर्ट में ही रही थीं। गौरतलब है कि ओबामा दूसरी बार भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर आ रहे हैं। उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य अतिथि बनाया गया है। इससे पहले वह 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निमंत्रण पर भारत आए थे और संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया था।

इन सवालों से इतर उनके दौरे के मद्देनजर सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां जोर-शोर की जा रही हैं। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों से मिल चुके हैं। आगरा प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरे में ओबामा अपनी पत्नी मिशेल के साथ ताजमहल का दीदार करने जाएंगे।

ओबामा तीन दिवसीय दौरे पर 25 जनवरी को भारत पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। 26 जनवरी को सुबह गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे और शाम को राष्ट्रपति भवन में स्वागत समारोह में हिस्सा लेंगे। खबरों के मुताबिक वह एक शैक्षिक संस्थान में छोटी सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह आगरा जाएंगे।

उधर ओबामा के दौरे के मद्देनजर दिल्ली में हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर अदालत ने सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि जब नागरिकों की बात आती है तब सरकार इसी तत्परता से काम नहीं करती है। अदालत ने कहा, “भारतीय नागरिकों के लिए नहीं, एक विदेशी राष्ट्रपति के लिए आप यह सब कर रहे हैं।”