कश्मीर में कुछ बड़ा प्लान कर रहे हैं पाकिस्तानी आतंकी? खुफिया एजेंसियों को मिली ये हैरान करने वाली जानकारी

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:January 30, 2026 2:12 PM IST

पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी संगठन लश्कर और जैश पहले अलग-अलग काम करते थे. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन दोनों संगठनों ने हाथ मिला लिया है.

ऑपरेशन सिंदूर में कड़ी मार खाने के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसएआई ने रणनीति बदल दी है. पहले आईएसआई ने आतंकियों के कमांड और कंट्रोल स्ट्रक्चर को तुर्की में शिफ्ट किया और फिर पीओके में चलने वाले बड़े आतंकी ट्रेनिंग कैंपों को एलओसी से सटे इलाकों से हटाकर अफगानिस्तान सीमा के पास खैबर-पख्तूनवा में दोबारा खड़ा किया. जिस मुरीदके और बहावलपुर के ठिकानों को भारतीय वायुसेना ने सटीक हमलों से तबाह किया था, वहां भी अब नए सिरे से निर्माण किया जा चुका है.

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लश्कर ने बनाये नये ट्रेनिंग कैंप

आतंकी हफीज सईद की देखरेख में चलने वाले लश्कर-ए-तैयबा ने खैबर पख्तूनवा के लोर-डीर इलाके में एक नया ट्रेनिंग कैंप शुरु किया है. इसे मरकज-ए-जिहाद-उल अक्सा नाम दिया गया है. लश्कर का एक बड़ा कमांडर नसर जावेद इस ट्रेनिंग कैंप की कमान संभाल रहा है. लश्कर ने स्वात घाटी के मिंगोरा में मरकज-उल-इस्लाम और एक अन्य मदरसे का निर्माण भी शुरू किया है. रावलपिंडी में भी लश्कर का नया सेंटर मरकज-उल-कुदुस अब बनकर तैयार है.

लश्कर और जैश में दोस्ती

पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी संगठन लश्कर और जैश पहले अलग-अलग काम करते थे. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन दोनों संगठनों ने हाथ मिला लिया है. लश्कर का आतंकी सैफुल्ला दोनों संगठनों के बीच तालमेल बनाने का काम कर रहा है. इस बीच जैश ने अपनी महिला ब्रिगेड भी स्थापित की है. इसे अक्तूबर 2025 में लॉन्च किया गया था जिसे जमात-ए-मोमिना नाम दिया गया है. जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान के हर इलाके से नई भर्तियां कर रहा है.

आतंकी संगठनों ने फंड जुटाने का तरीका बदला

पाकिस्तान में लश्कर और जैश जैसे संगठनों ने पैसे जुटाने का तरीका बदल दिया है. ये संगठन मानवीय गतिविधियों, मस्जिदों, राहत-बचाव अभियानों का नाम लेकर दुनिया भर में धन इकट्ठा कर रहे हैं. अमेरिकी मीडिया संस्थान पीजे मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद गाजा के लिए राहत सहायता के नाम पर धन जुटा रहा है. पाकिस्तान और खाड़ी देशों से इन संगठनों को चंदा भी मिल रहा है.

खुफिया एजेसियों का विश्लेषण क्या है?

जैश के ट्रेनिंग सेंटरों में नए आतंकियों को स्कूबा डाइविंग की ट्रेनिंग दी जा रही है. इस बात की भनक खुफिया एजेंसियों को है. इस बीच एक और खबर आई है जिसमें बताया गया है कि लश्कर ने 12 आत्मघाती हमलावरों की एक टीम तैयार की है जिसकी कमान कुख्यात अबु-हुरैरा को दी गई है. ये आतंकी 2021 से ही कश्मीर में सक्रिय है और मोस्ट वांटेड है. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि ये आतंकी घाटी में घुस चुके हैं.

जनवरी में ही जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में जॉइंट फोर्सेज ने जैश-ए-मोहम्मद के एक पाकिस्तानी आतंकवादी कमांडर उस्मान को मार गिराया था. जैश-ए-मोहम्मद कमांडर उस्मान 2021-2022 में सीमा पार करके भारत में घुस आया था और पिछले दो साल से एक्टिव था. पूरे जम्मू-कश्मीर में सेना इस समय कई ऑपरेशन चला रही है. सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं और सभी कड़ियों को जोड़कर आतंकियों का अगला प्लान समझने की कोशिश की जा रही है.

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