
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
चीन के डिजिटल बाजार में इन दिनों एक ऐसा ऐप चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसका नाम सुनकर ही लोग चौंक जाते हैं. ARE You Dead? नाम का यह ऐप चीन में तेजी से वायरल हो रहा है. यह ऐप कोई मनोरंजन या गेमिंग प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि एक बहुत ही संजीदा और डरावनी सामाजिक हकीकत का सामना करने का जरिया है.
इस ऐप का नाम ही इसकी पूरी कहानी बयां कर देता है. Are You Dead? का कॉन्सेप्ट सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह एक बहुत ही सरल और व्यावहारिक समाधान पर आधारित है. इसे पिछले साल मई में लॉन्च किया गया था, लेकिन तब इसे बहुत ज्यादा तवज्जो नहीं मिली. हालांकि, हाल के हफ्तों में यह चीन के सोशल मीडिया पर अचानक से वायरल हो गया और अब यह चीन में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला पेड ऐप बन गया है.
इस ऐप की कार्यप्रणाली बेहद सीधी है. ऐप को बस यह जानना होता है कि आप अभी जीवित हैं या नहीं. इसके लिए आपको हर दो या तीन दिन में ऐप खोलकर उस पर बने एक बड़े बटन पर क्लिक करना होता है, जो यह पुष्टि करता है कि मैं जिंदा हूं. अगर आप तय समय सीमा के भीतर इस बटन को नहीं दबाते, तो ऐप अपना अगला कदम उठाता है.
इस ऐप के वायरल होने के पीछे चीन के युवाओं में बढ़ता अकेलापन और असुरक्षा की भावना है. चीन के बड़े शहरों में काम की तलाश में आने वाले करोड़ों युवा अकेले रहते हैं. उनके पास न तो परिवार होता है और न ही बहुत ज्यादा दोस्त. ऐसे में गुमनाम मौत (Lonely Death) का डर उन्हें सताता रहता है. युवाओं को लगता है कि अगर उन्हें कुछ हो गया, तो शायद हफ़्तों तक किसी को पता भी नहीं चलेगा.
ऐप की सबसे बड़ी ताकत इसका अलर्ट सिस्टम है. अगर यूजर दो दिनों तक ऐप पर अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं कराता, तो यह खुद-ब-खुद यूजर द्वारा सेट किए गए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स (माता-पिता, पार्टनर या दोस्त) को एक संदेश भेज देता है. यह संदेश उन्हें सूचित करता है कि यूजर मुसीबत में हो सकता है और शायद उसके साथ कुछ बुरा हुआ है.
चीन की सरकारी मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 तक चीन में लगभग 20 करोड़ लोग ऐसे होंगे जो घर में बिल्कुल अकेले रहेंगे. यह एक बहुत बड़ी सामाजिक चुनौती है, चाहे वे नौकरीपेशा लोग हों, घर से दूर रहने वाले छात्र हों या वे लोग जिन्होंने अकेले रहने का फैसला किया है. यह ऐप उन सभी के लिए एक डिजिटल लाइफलाइन की तरह काम कर रहा है.
चीनी सोशल मीडिया पर यूजर्स के कमेंट्स पढ़कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. एक यूजर ने लिखा कि मुझे हमेशा यह डर रहता है कि अगर मैं अकेला मर गया, तो मेरा शव कौन उठाएगा? वहीं एक अन्य यूजर का कहना है कि जो लोग डिप्रेशन में हैं या बेरोजगार हैं, उनके लिए यह ऐप एक सहारा है. यह उस डर का जवाब है जहां इंसान को लगता है कि उसके जाने के बाद दुनिया को खबर होने में बहुत वक्त लग जाएगा.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि Are You Dead? जैसे एप्स का बढ़ता चलन यह बताता है कि तकनीक अब भावनाओं और सामाजिक अलगाव को एड्रेस करने की कोशिश कर रही है, जहां लोग अपनों से दूर हो रहे हैं, वहां एक ऐप का बटन अपनों को करीब लाने का आखिरी जरिया बन रहा है. यह ऐप सिर्फ चीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के हर उस देश में इसकी जरूरत महसूस की जा सकती है जहां लोग अकेलेपन की समस्या से जूझ रहे हैं.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.