नई दिल्ली: निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा है कि हमारी सेना पहले से ज्‍यादा बेहतर तरीके से किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. यह बात उन्‍होंने तब कही, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या सेना देश के सामने खड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए अब ज्यादा अच्छे से तैयार है, उन्होंने कहा, हां हम ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार हैं. सीडीएस जनरल रावत ने कहा कि सेना बेहतर तैयारी के साथ पाकिस्‍तान और चीन की सीमाओं पर चुनौतियों के लिए तैयार है.

निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कार्यकाल के अंतिम तीन वर्ष में पूरा सहयोग देने के लिए सेना के सभी कर्मियों और उनके परिवारों का मंगलवार को आभार व्यक्त किया. विदाई सलामी गारद के बाद जनरल रावत ने उम्मीद जताई कि नए सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने के नेतृत्व में सेना नई ऊंचाइयों को छुएगी.

जनरल रावत ने साउथ ब्लॉक के प्रांगण में सलामी गारद लेने के बाद मीडिया से बातचीत की. उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी. उन्होंने कहा, ”मैं सभी सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं जो हमारे सशस्त्र बलों की परंपराओं के अनुरूप, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अटल रहते हैं और अपने कर्तव्य का निर्वाह करते हैं.”

थल सेना प्रमुख के तौर पर अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि वह क्या मानते हैं, इस पर जनरल रावत ने कहा, ‘‘मेरा ध्यान सेना के पुनर्गठन, आयुध सिस्टम के आधुनिकीकरण और गैर संपर्क युद्ध पर रहा. और मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया.’’

उनके कार्यकाल में सेना को एम 777 अमेरिकी अल्ट्रा लाइट होवित्जर और के-9 वज्र सहित महत्वपूर्ण हथियार प्रणाली और सिग सौएर असॉल्ट राइफलों से लैस किया गया. शिमला में सेंट एडवर्ड स्कूल और खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र जनरल रावत आईएमए देहरादून से दिसंबर 1978 में भारतीय सेना की 11 वीं गोरखा राइफल्स में कमीशन प्राप्त हुए थे.

क्या कोई ऐसा काम रहा जो पूरा नहीं हो पाया, इस पर जनरल रावत ने कहा, ”कई काम अब तक अधूरे हैं. काम शुरू हो गया लेकिन अगले प्रमुखों पर काम पूरा कराने की जिम्मेदारी होगी.”

जनरल रावत ने लेफ्टिनेंट जनरल एम एम नरवाने को भी बधाई दी. उन्होंने कहा, मैं भारतीय सेना के प्रत्येक कर्मचारी को शुभकामनाएं देता हूं. मैं जनरल नरवाने को सेना का अगला प्रमुख बनने की बधाई देता हूं. वह बहुत ही सक्षम एवं योग्य अधिकारी हैं. जनरल नरवाने अपनी सामर्थ्य एवं पेशेवर रवैये से सेना को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.

जनरल रावत को भारत का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भी नियुक्त किया गया है, जो सैन्य मामलों के नवगठित विभाग का कार्य देखेंगे. सीडीएस के तहत तीनों सेनाओं की एजेंसियां, संगठन एवं साइबर एवं स्पेस से जुड़े कमान आएंगे और वह परमाणु कमान प्राधिकरण के सैन्य सलाहकार के तौर पर भी कार्य करेंगे.

सीडीएस के तौर पर उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं फिलहाल सेना प्रमुख के तौर पर अपने कार्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रहा हूं. मैं अपनी अगली नौकरी के बारे में तब विचार करुंगा जब मैं अगला पद संभालूंगा.

जनरल रावत ने 31 दिसंबर, 2016 को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पदभार संभाला था और उत्कृष्ट सेवा के बाद वह इस पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. सेना प्रमुख बनने से पहले उन्होंने पाकिस्तान के साथ लगने वाली नियंत्रण रेखा (एलओसी), चीन के साथ लगने वाली नियंत्रण रेखा (एलएसी) और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में अभियान संबंधी जिम्मेदारियां निभाई हैं.