नई दिल्लीः सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए आतंकवाद को लेकर एक बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि यह ‘कई सिर वाले राक्षस’ की तरह है. यह तब तक खत्म नहीं हो सकता जब तक कोई देश या राष्ट्र इसे अपनी नीति के रूप में इस्तेमाल करना बंद न कर दे. सेना प्रमुख का इशारा कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर था. Also Read - Nagrota Encounter: NIA ने जांच संभाली, Jaish के मारे गए 4 आंतकियों की मुठभेड़ की करेगी जांच

‘रायसीना डायलॉग’ के दौरान यहां एक पैनल चर्चा में रावत ने कहा कि सोशल मीडिया कट्टरपंथ को फैलाने का जरिया बन रहा है, इसलिए इसे नियंत्रित किए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर समेत भारत में अलग अलग तरह का कट्टरपंथ दिखाई दे रहा है. बहुत सी गलत एवं झूठी जानकारियों के कारण युवाओं के अंदर कट्टरता की भावना आ रही है और धर्म संबंधी कई झूठी बातें उनके मनमस्तिष्क में भरी जा रही हैं. Also Read - #Shehla Rashid पर उनके पिता का गंभीर आरोप, DGP को खत लिखकर बताया- मेरी बेटी देशद्रोही..

जनरल रावत ने कहा, ‘‘इसलिए आप अधिक से अधिक शिक्षित युवकों को आतंकवाद की ओर बढ़ते देख रहे हैं.’’ उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि देश जब तक राष्ट्र की नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देते रहेंगे, तब तक यह मौजूद रहेगा.

जनरल रावत ने कहा, ‘‘आतंकवाद युद्ध का एक नया तरीका बनता जा रहा है. एक कमजोर देश दूसरे देश पर अपनी शर्तें मानने का दबाव बनाने के लिए आतंकवादियों का इस्तेमाल कर रहा है.’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद कई सिर वाले एक राक्षस की तरह अपने पैर पसार रहा है. जनरल रावत ने अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया पर कहा कि तालिबान से बातचीत होनी चाहिए, लेकिन यह बिना किसी शर्त के होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद तालिबान का हमेशा छिपकर साथ देता रहा है और उसे इस बारे में चिंता करनी चाहिए.