गोपेश्वरः सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में सीमावर्ती गांवों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और भारत-चीन सीमा के निकट गांवों में पौधे लगाए. सेना प्रमुख ने पलायन रोकने, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के आर्थिक विकास के उद्देश्य से गढ़वाल और कुमाऊं के गांवों में चलाए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत मलारी गांव में अखरोट और कुछ अन्य फलों के पौधे लगाए.

जनरल रावत ने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत 50,000 फलदायी वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया है जिससे सीमावर्ती गांवों का आर्थिक विकास होगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी. उन्होंने स्थानीय लोगों से पर्यावरण को संरक्षित करने की अपील भी की. उन्होंने गांव वालों को वादा किया कि क्षेत्र में संचार व्यवस्था सुधारने के लिए वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे. जनरल रावत ने सेना के जवानों को उनके प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया.

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वृक्षारोपण कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से कहा कि साफ और शुद्ध आक्सीजन पाने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की जरूरत है और हम इसी से अपनी पर्यावरण को बचा सकते हैं. पाकिस्तान के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब भारत बहुत बदल गया है और वह हर बात का जवाब देना जानता है. उन्होंने ने कहा कि पहले भारत ने बहुत से अत्याचार सहे हैं लेकिन अब भारत एक मजबूत राष्ट्र है और वह अपनी जनता और सीमा की रक्षा करना भली भाति जानता है.