नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को लद्दाख के डेमचोक इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी घुसपैठ की बात को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को एक फ्लैग मीटिंग में सुलझा लिया गया है. एक कार्यक्रम के मौके पर मीडिया से बात करते हुए जनरल रावत ने कहा कि इस मुद्दे को एक फ्लैग मीटिंग में उठाया गया था और सब कुछ सुलझा लिया गया है. आपको इस मिथक को दूर करने की आवश्यकता है कि चीनी द्वारा कोई घुसपैठ की गई है, क्योंकि यह हमारी सुरक्षा के लिए हानिकारक है.

 

भारत के कुछ लोगों द्वारा 6 जुलाई को तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के जन्मदिन समारोह पर चीन की ओर से आपत्ति जताई गई थी. चीनी कर्मियों ने उन्हें बैनर दिखाते हुए कहा था कि तिब्बत को विभाजित करने वाली सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाओ. इस दौरान दोनों ओर से ही नारेबाजी हो रही थी. जनरल ने कहा कि भारत के चीन के साथ अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी समय, कोई भी बात होती है तो हमारे पास स्थानीय कमांडर हैं जोकि एक-दूसरे से बात करते हैं. मुझे नहीं लगता, इसमें कोई डर है. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में जनरल ने कहा कि एलएसी पर अलग-अलग धारणाएं हैं. एलएसी के संरेखण पर उनकी एक धारणा है और हमारे पास अपना दृष्टिकोण है. बीच में अंतराल हैं, इसलिए दोनों पक्ष गश्त करते हैं और एक दूसरे के क्षेत्रों में जाते हैं.

रावत के अनुसार कि चीनी लोग आते हैं और अपने कथित एलएसी पर गश्त करते हैं, जिसे हम कोशिश कर रोकते हैं. हम अपने एलएसी तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, या हमें दी गई गश्त की सीमा के आधार पर क्षेत्रों का दौरा करते हैं. डेमचोक की घटना के बारे में उन्होंने कहा कि तिब्बतियों ने इस क्षेत्र में कुछ उत्सव किए थे, जिसे देखने के लिए कुछ चीनी इस ओर आ गए थे. कोई घुसपैठ नहीं हुई है और सब कुछ सामान्य है. (इनपुट एजेंसी)