जम्मू: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ और रजौरी जिलों में नियंत्रण रेखा के पास सैनिकों से मुलाकात की और संघर्ष विराम उल्लंघन, घुसपैठ से निपटने और सीमा पार से हो रही हिंसक गतिविधियों का सामना करने की तैयारियों की समीक्षा की. रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पीर पंजाल के दक्षिण में आतंकवाद को जिंदा करने का प्रयास कर रही विरोधी ताकतों से निपटने की रणनीति और युवकों को कट्टर बनाए जाने के प्रयासों के बारे में भी उन्हें जानकारी दी गई.

 

जनरल रावत के साथ नॉदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ जनरल रणबीर सिंह भी थे. उन्हें व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह संघा और वहां मौजूद जवानों ने स्थिति से अवगत कराया. प्रवक्ता ने कहा कि सेना प्रमुख ने इकाइयों के मिशन की तैयारी, संघर्ष विराम उल्लंघन की जवाबी व्यवस्था, घुसपैठ रोकने के उपायों और नियंत्रण रेखा के पार से की जा रही हिंसक गतिविधियों से निपटने की तैयारी की समीक्षा की. इस दौरान बिपिन रावत ने सेना के जवानों से मुलाकात भी की. उन्होंने जवानों से किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की बात कही.


नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों से की बातचीत
उन्होंने कहा कि जनरल रावत ने नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों से बातचीत की और उनकी नि:स्वार्थ सेवा भावना की सराहना की. प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने सुरक्षित माहौल बनाने और सैनिकों की तैयारियों की प्रशंसा की. बता दें कि सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने जम्मू कश्मीर की अपनी दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को नियंत्रण रेखा पर सैन्य बलों की तैयारियों की समीक्षा की थी. (इनपुट एजेंसी)