पहले सैल्यूट, फिर पिता के पांव छूकर लिया आशीर्वाद, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने यूं संभाली कमान- देखें VIDEO
जनरल धीरज सेठ (Army Chief General Dhiraj Seth) ने मंगलवार (जून, 30, 2026) को 31वें आर्मी चीफ के तौर पर कमान संभाली है. उन्होंने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है.
आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने अपने सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य किया है. (Photo-ANI)
- जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं.
- जनरल धीरज सेठ को दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था.
- जनरल धीरज सेठ वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में सेवाएं दे चुके हैं.
- 40 साल के सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान पर कार्य किया है.
आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने बुधवार (जुलाई,01, 2026) को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के तौर पर गार्ड ऑफ ऑनर मिलने के बाद अपने पिता, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ को सैल्यूट किया और फिर उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया. न्यूज एजेंसी ANI ने सेरेमनी का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह गार्ड ऑफ ऑनर मिलने के बाद अपने पिता को सैल्यूट करते हुए दिख रहे हैं. वीडियो में आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ के छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ को भी उन्हें सैल्यूट करते हुए देखा जा सकता है. लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ 1997 में भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल के पद से रिटायर हुए. उस समय जनरल धीरज सेठ कैप्टन के पद पर कार्यरत थे.
जनरल धीरज सेठ ने कब संभाला आर्मी चीफ का पदभार?
जनरल धीरज सेठ (Army Chief General Dhiraj Seth) ने मंगलवार (जून, 30, 2026) को 31वें आर्मी चीफ के तौर पर चार्ज संभाला. उन्होंने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली, जो 62 साल की उम्र में रिटायर हुए थे. खड़कवासला में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पुराने स्टूडेंट जनरल धीरज सेठ आर्मर्ड कॉर्प्स से जुड़े हैं, जो आर्मी की वह ब्रांच है जो टैंक और दूसरी आर्मर्ड फाइटिंग गाड़ियां चलाती हैं. वह लगभग तीन दशकों में आर्मी चीफ बनने वाले पहले आर्मर्ड कॉर्प्स ऑफिसर हैं. इससे पहले जनरल शंकर रॉय चौधरी 1997 में रिटायर हुए थे.
क्या-क्या जिम्मेदारी निभा चुके हैं जनरल धीरज सेठ?
जनरल धीरज सेठ ने 21 स्ट्राइक कॉर्प्स की कमान संभाली है जो भोपाल में मौजूद एक फॉर्मेशन है, जिसे आर्मी की खास ऑफेंसिव यूनिट्स में से एक माना जाता है. उनके पिता ने भी अपने मिलिट्री करियर के दौरान इसी कॉर्प्स को लीड किया था. जनरल धीरज सेठ ने अपने पूरे आर्मी करियर में कई तरह के ऑपरेशनल और लीडरशिप रोल में काम किया है. उन्होंने एक रेजिमेंट को लीड करने से लेकर आर्मी के सबसे बड़े फॉर्मेशन में से एक को हेड करने तक हर लेवल पर सैनिकों को कमांड किया है.
कई ऑपरेशन को दिया अंजाम
उनके शुरुआती कमांड असाइनमेंट में से एक रेगिस्तानी सेक्टर में एक आर्मर्ड रेजिमेंट को लीड करना था. वहां वे रेगिस्तानी हालात में खासकर भारत की पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन के लिए टैंक यूनिट्स को ट्रेनिंग देने और तैयार करने के लिए जिम्मेदार थे. जनरल धीरज सेठ ने बाद में वेस्टर्न थिएटर में एक आर्मर्ड ब्रिगेड को कमांड किया. जनरल धीरज सेठ ने जम्मू और कश्मीर में एक काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स को भी लीड किया. लेफ्टिनेंट जनरल के तौर पर उन्होंने सुदर्शन चक्र कॉर्प्स को कमांड किया, जो सेना की सबसे अच्छी स्ट्राइक फॉर्मेशन में से एक थी.
उपलब्धियों से भरा है करियर
जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर खास उपलब्धियों से भरा रहा है. उन्होंने सभी प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण कोर्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया. जूनियर कमांड कोर्स में पहला स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में 'बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर' का सम्मान हासिल किया. उन्होंने हायर कमांड कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज तथा पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स भी पूरा किया है. भारतीय सेना में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है.
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