नई दिल्लीः सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बृहस्पतिवार को तेजपुर स्थित चौथी कोर मुख्यालय का दौरा किया. अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक स्तर पर समीक्षा की. Also Read - राजनाथ सिंह का बयान- चीन ने भारत के इतने भू-भाग पर किया है कब्जा, समझौते का लगातार कर रहा उल्लंघन

उन्होंने कहा कि सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने सेना प्रमुख को पूर्वी सेक्टर में चीन से सटी सीमा पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती के बारे में विस्तृत जानकारी दी. Also Read - गृह राज्य मंत्री ने कहा- 6 महीनों में कोई चीनी घुसपैठ नहीं, कांग्रेस बोली- ये शहीदों का अपमान, स्थिति स्पष्ट करे सरकार

सेना की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया, “सेना प्रमुख ने पूर्वी कमान के सभी कोर कमांडरों से बातचीत की और वर्तमान सुरक्षा स्थिति तथा सैन्य अभियान की तैयारियों की समीक्षा की.” वक्तव्य में कहा गया कि जनरल नरवणे ने देश की सीमाओं की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा कर रहे सैनिकों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सदैव सचेत रहने के लिए प्रोत्साहित किया. Also Read - भारत सरकार चीन को करारा जवाब देती रहेगी, सरकार और सेना के साथ है बसपा: मायावती

पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ हुई झड़प के मद्देनजर भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूद सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है.

सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने भी अरुणाचल सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वायु सीमा पर निगरानी रखने के लिए मुख्य ठिकानों पर अतिरिक्त युद्धक विमान और हेलीकाप्टर तैनात किए हैं.

सूत्रों ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही इसलिए सेना सर्दियों में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों और हथियारों की संख्या बरकरार रखना चाहती है. जनरल नरवणे शुक्रवार को लखनऊ स्थित सेना की मध्य कमान का दौरा करेंगे.