भारत को फिर लड़ना पड़ सकता है खतरनाक युद्ध! इस बार अकेले नहीं आएगा दुश्मन, सेना प्रमुख की चेतावनी से मची खलबली

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खतरनाक युद्ध की चेतावनी दी है. जानिए ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और भारत की सुरक्षा तैयारियों के बारे में इस खबर में विस्तार से...

Published date india.com Published: August 11, 2025 3:46 PM IST
भारत को फिर लड़ना पड़ सकता है खतरनाक युद्ध! इस बार अकेले नहीं आएगा दुश्मन, सेना प्रमुख की चेतावनी से मची खलबली

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक गंभीर चेतावनी दी है. उनका कहना है कि आने वाले समय में भारत को खतरनाक युद्ध का सामना करना पड़ सकता है. अगला युद्ध अकेले किसी एक देश का काम नहीं होगा, बल्कि हो सकता है कि दुश्मन को किसी और देश का भी समर्थन मिल जाए. हालांकि, सेना प्रमुख ने किसी देश का नाम स्पष्ट तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से यह साफ होता है कि हालात सामान्य नहीं हैं.

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर अमेरिका के दौरे पर हैं, जिससे हालात और भी नाजुक नजर आते हैं. जनरल द्विवेदी ने इसे ग्रे जोन की स्थिति बताया है, जहां पारंपरिक युद्ध की परिभाषाएं बदल जाती हैं और नई रणनीतियां अपनानी पड़ती हैं.

ऑपरेशन सिंदूर और शतरंज की तुलना

सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को शतरंज की बाजी से जोड़कर समझाया कि इस ऑपरेशन में न तो स्थिति पूरी तरह साफ थी और न ही दुश्मन की अगली चाल पता थी. उन्होंने बताया कि पारंपरिक युद्ध में सैनिक पूरी ताकत लेकर जाते हैं और या तो वापसी करते हैं या वहीं रुक जाते हैं, लेकिन ग्रे जोन में ऐसी साफ परिभाषाएं नहीं होतीं. यहां हर चाल को सोच-समझकर खेलना पड़ता है. क्योंकि दुश्मन भी अपनी रणनीतियों से बार-बार चाल चल रहा होता है. यह स्थिति किसी क्रिकेट के टेस्ट मैच की तरह है, जो कभी भी लंबा खिंच सकता है और जिसमें कोई भी पल निर्णायक हो सकता है. ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिखाया कि ऐसी अनिश्चितताओं में भी धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी है.

सेना का अकेले युद्ध लड़ पाना मुश्किल

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह भी बताया कि भविष्य के युद्ध अकेले सेना की जिम्मेदारी नहीं होंगे, बल्कि इसे देश के सभी विभागों और लोगों को मिलकर लड़ना होगा. उन्होंने कहा कि भारत को एक से अधिक मोर्चों पर युद्ध का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए हमें हर परिस्थिति के लिए पूरी तैयारी रखनी होगी. इस समय देश की जनता की मानसिकता और सैनिकों की तैयारी विजय की कुंजी हैं. जनरल ने जोर दिया कि हमें अकेले मुकाबले के लिए नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए. उनका मानना है कि यही भारत की ताकत और भविष्य की सुरक्षा की गारंटी है.

भविष्य की चुनौतियां और सतर्कता

सेना प्रमुख ने कहा कि हमें हमेशा ग्रे जोन की चुनौतियों से सावधान रहना होगा, क्योंकि यह खतरा हमेशा बना रहेगा. उन्होंने संकेत दिए कि अगला बड़ा युद्ध कभी भी हो सकता है, इसलिए हमें समय रहते इसकी तैयारी करनी होगी. जनरल ने यह भी माना कि कभी-कभी दुश्मन को दूसरे देशों का समर्थन भी मिल सकता है, जिसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में जो कुछ भी दिखाई नहीं दिया, हो सकता है वह गुप्त मदद या रणनीतियां थीं, जिनका पता लगाना जरूरी है. कुल मिलाकर, सेना प्रमुख ने देशवासियों से एकजुट होकर सतर्क रहने और हर तरह की चुनौतियों से निपटने की अपील की है.

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