नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में रविवार को कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में जवाबी गोलीबारी में सेना ने जैश-ए-मोहम्मद व हिजबुल मुजाहिदीन के कई आतंकवादियों को मार गिराया. भारतीय सेना ने इस बड़ी कार्रवाई के लिए तोपों का इस्तेमाल किया. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अब भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का बयान भी आ गया है. सेना प्रमुख ने कहा है कि उन्हें आतंकियों द्वारा घुसपैठ के बार-बार इनपुट मिल रहे हैं. इसलिए सेना ने ये कार्रवाई की. भारतीय सेना पर सेना प्रमुख, जनरल बिपिन रावत ने PoK में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने के लिए तोपों का इस्तेमाल करने को लेकर कहा, “जब से Article 370 को जम्मू-कश्मीर से निरस्त किया गया, तब से हमें राज्य में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए सीमा पार से आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के बार-बार इनपुट मिल रहे हैं. धीरे-धीरे घाटी में हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन जाहिर है कि कोई है जो आतंकवादियों और एजेंसियों के इशारे पर काम कर रहा है जो पाक और पीओके में कुछ बाहरी और कुछ बाहरी देश में हैं, वे शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं.”


सेना प्रमुख ने आगे कहा, “देर रात, हमें जानकारी मिली कि आतंकवादी आगे के क्षेत्रों में शिविरों के करीब आ रहे हैं. पिछले 1 महीने में, हमने विभिन्न क्षेत्रों से आतंकवादियों की घुसपैठ के ऐसे कई प्रयासों को देखा है. कल शाम तंगधार में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश की गई, हमने जवाबी कार्रवाई की, पाक ने हमारे पोस्ट पर हमला किया जिसमें में भी नुकसान हुआ, लेकिन इससे पहले कि वे घुसपैठ की कोशिश कर सकें, हमने तय किया कि हम उन आतंकी शिविरों को निशाना बनाएंगे. हमारे पास इन शिविरों के कॉर्डिनेट्स थे. हमने आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है.”


सेना प्रमुख ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में, हमने आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. तंगधार सेक्टर के विपरीत आतंकवादी शिविर नष्ट कर दिए गए हैं. सेना प्रमुख ने ये भी कहा कि 6-10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और 3 शिविर नष्ट हुए हैं. उन्होंने कहा, “हमें मिल रही रिपोर्टों के आधार पर, 6-10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, 3 शिविर नष्ट हुए हैं. इतने ही आतंकवादी भी मारे गए हैं.”