नई दिल्‍ली: एएसी पर चीन से तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे आज मंगलवार को लद्दाख के लिए रवाना हो गए, जहां वह दो दिन में एलएसी की अग्रिम चौकियों का निरीक्षण करेंगे और और चीनी सेना के साथ चल रहे छह हफ्ते के गतिरोध पर वहां तैनात कमांडरों के साथ चर्चा करेंगे. वहीं, एलएसी पर चीन की किसी भी हिमाकत तो मुंतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट और हेलिकॉप्‍टर भी उड़ान भरते हुए नज आ रहे हैं.Also Read - Engineering Export Goods: भारत के इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 54 फीसदी बढ़ा

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने (General Manoj Mukund Naravane) 14 कोर के अधिकारियों के साथ जमीनी स्थिति और चीनी सेना के साथ वार्ता में प्रगति की समीक्षा करेंगे. Also Read - Republic Day 2022: भारत-पाकिस्तान सीमा पर BSF जवान 'हाई-अलर्ट' पर

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वहीं, इस बीच सेना के सूत्रों के मुताबिक, कल भारत और चीन के कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में मोल्डो में आयोजित की गई. यह आपसी सहमति थी. पूर्वी लद्दाख में सभी संघर्ष के क्षेत्रों से सेनाओं को हटाने के लिए विसंगतियों पर चर्चा की गई थी और दोनों पक्षों द्वारा इसे आगे बढ़ाया जाएगा.

जनरल नरवणे का यह दौरा गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने तथा सीमा पर तनाव बढ़ने के एक हफ्ते बाद हो रहा है. बता दें कि चीनी सेना के साथ चल रहे छह हफ्ते के गतिरोध चल रहा है.