नई दिल्ली. सेना प्रमुख बिपिन रावत ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति को बेहतर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि वहां के लोग हमारे निशाने पर नहीं हैं, लेकिन इसके सबूत हैं कि वहां के जमीन पर आतंकी मौजूद हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर की सफलता इस बात से तय नहीं होती है कि वहां कितने आतंकी मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान के मसले को हमने अच्छी तरह से संभाला है.

सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीर में आतंकी मरते हैं तो उसकी जगह दूसरा आतंकी तैयार हो जाता है. हमें इसे ही रोकना है. सेना कश्मीर में शांति चाहती है. अभी वहां समस्या यह है कि आतंकियों के मारे जाने पर लोग उनके समर्थन में आ जाते हैं और तारीफ करते हैं. इससे नए आतंकी सामने आ जाते हैं.

सीजफायर पर ये कहा
सेना प्रमुख ने सीजफायर की बात पर कहा कि जैसे ही सीमा के अंदर कोई आतंकी आता है तो इधर से फायरिंग शुरू हो जाती है. उन्होंने कहा कि इस दौरान जवानों के माइंड एरिया में जाने से हमें नुकसान होता है. इसे रोकने के लिए हमने तकनीकी का सहारा लिया है और ड्रोन का इस्तेमाल करने लगे हैं.

सीमाओं को बेहतर तरीके से संभाला है
बता दें कि एक दिन पहले ही बिपिन रावत ने कहा कि सेना ने चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला है और चिंता की कोई बात नहीं है. जम्मू कश्मीर में स्थिति को और सुधारने की जरूरत है.जम्मू कश्मीर में शांति के लिए हम केवल समन्वयक हैं. हमने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर स्थिति बेहतर तरीके से संभाली है. अफगानिस्तान में तालिबान से अमेरिका और रूस की बातचीत पर जनरल रावत ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान में हमारे हित हैं. हम इससे अलग नहीं हो सकते.