नई दिल्ली: 72वें सेना दिवस की परेड में सेना ने सैन्य शक्ति और अपने कुछ आधुनिक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया. इस दौरान सेना की कप्तान तानिया शेरगिल ने दिल्ली छावनी के करियप्पा परेड मैदान में पुरुषों की टुकड़ियों का नेतृत्व किया. वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई. अपनी इस सफलता पर तानिया शेरगिल कहती हैं कि उन्हें लगता है कि सेना में जाति, पंथ, धर्म या महिला-पुरुष किसी को लेकर कोई भेदभाव नहीं है. यहां पर सभी एक फौजी हैं.

तानिया शेरगिल ने आर्मी डे परेड के बाद कहा कि फौज में सभी एक फौजी है. यहां पर किसी प्रकार को कोई भेदभाव नहीं है, चाहे वह मुस्लिम हो, सिख हो या फिर मराठी. सेना के अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों का चयन रेजिमेंटल सेंटरों में किया जाता है और इसके बाद सेना दिवस परेड के लिए कई महीनों के प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है. कैप्टन तानिया शेरगिल भी महसूस नहीं करतीं हैं कि सभी पुरुषों का अचानक से नेतृत्व करने वाली पहली महिला होने के नाते यह एक महान उपलब्धि है.

गणतंत्र दिवस परेड के लिए पहली महिला परेड एडजुटेंट होंगी कैप्टन तानिया शेरगिल
सेना के सिग्नल कोर की अधिकारी कैप्टन तानिया शेरगिल, गणतंत्र दिवस परेड के लिए पहली महिला परेड एडजुटेंट होंगी. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. परेड के लिए एक परेड एडजुटेंट जिम्मेदार होता है. बता दें कि पिछले साल कैप्टन भावना कस्तूरी गणतंत्र दिवस पर सभी पुरुषों की अगुवाई करने वाली पहली महिला अधिकारी थीं. बता दें कि अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, चेन्नई से मार्च 2017 में कमीशन प्राप्त करने वाली तानिया शेरगिल ने इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में स्नातक किया है. उनके पिता, दादा और परदादा भी सेना में सेवा दे चुके हैं.