शिमला: हिमाचल प्रदेश में 10 दिन के कठिन खोजी अभियान के बाद खोजकर्ताओं ने शनिवार को एक जवान का शव बरामद कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि चार जवान अभी भी लापता हैं. राजेश ऋषि (25) जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स के उन छह जवानों में था जो तिब्बत के निकट किन्नौर जिले में 20 फरवरी को हुए हिमस्खलन की चपेट में आकर दब गए थे.

जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर ताजा बर्फबारी ने बढ़ाई ठंड, वाहनों की आवाजाही प्रभावित

जिसके बाद युद्ध स्तर पर राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है, हिमस्खलन की चपेट में आए लापता जवानों में से एक जवान का शव घटना के बाद ही बरामद हो गया था और एक का शव आज मिला जबकि शेष 4 जवानों की तलाश जारी है. अधिकारियों ने बताया कि जवानों की तलाश में लगभग 500 कर्मी लगे हुए हैं. लेकिन ताजा बर्फबारी ने इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन को और मुश्किल बना दिया है. शिमला से लगभग 350 किलोमीटर दूर स्थित हिमस्खलन स्थल पर ढेर सारी ताजी बर्फ जमा हो गई है, जिससे इस मार्ग से गुजरना और ज्यादा दूभर हो गया है. कई स्थानीय लोग भी इस बचाव अभियान से जुड़ गए हैं. राज्य सरकार ने कहा कि सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के दो अलग-अलग दल नामगिया डोगरी में गश्त कर रहे थे जब हिमस्खलन हुआ.

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में खड्डे में गिरी बस, 6 की मौत, 31 लोग घायल

इस हादसे में आईटीबीपी के पांच जवान भी घायल हो गए थे. पश्चिमी कमान मुख्यालय के स्टाफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पी.एम. बाली ने पिछले सप्ताह हिमस्खलन स्थल का दौरा कर आश्वासन दिया था कि लापता सैनिकों को तलाशने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने क्षेत्र में अगले दो दिन तक और बर्फबारी की संभावना जताई है. (इनपुट एजेंसी)