श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेना की फायरिंग के दौरान तीन नागरिकों की मौत होने के मामले में 10 गढ़वाल राइफल के सैनिकों के खिलाफ ने जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई. वहीं अब सेना ने भी जवाब में एफआईआर दर्ज करा दी है. न्यूज चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक सेना की ओर से शोपियां में फायरिंग के वक्त पत्थरबाजी कर रहे लोगों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज कराई गई है. Also Read - अनुराग कश्यप की मुश्किलें बढ़ीं, पायल घोष ने रेप के लिए दर्ज कराई FIR

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शनिवार को पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में सैनिकों के साथ एक मेजर भी आरोपित हैं. इनके खिलाफ धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत एफआईआर दर्ज की है. Also Read - अनुराग कश्यप के खिलाफ दर्ज नहीं हो पाई FIR, लंबे इंतजार के बाद थाने से वापस लौटीं पायल घोष

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दूसरी तरफ इस मामले में बीजेपी और कश्मीर के विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के बीच तनातनी बढ़ गई है. एनसी एफआईआर में नामजद लोगों सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है वहीं बीजेपी ने एफआईआर वापस लेने की मांग की है. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कै कहना है कि जांच को तार्किक नतीजे तक पहुंचाया जाएगा.

सेना की उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने इस मामले पर कहा, ‘हमारा रुख इस बारे में बिल्कुल साफ है कि अगर उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो आत्मरक्षा के लिए हम जवाब देंगे.’

लेफ्टिनेंट जनरल अन्बु ने कहा, ‘इस केस में एफआईआर की कोई जरूरत नहीं थी. अब जांच के बाद सच सामने आ जाएगा. शोपियां में फायरिंग सिर्फ सेल्फ डिफेंस के लिए की गई.’ जनरल अन्बु ने यह भी साफ कर दिया कि इस केस में कोई गिरफ्तारी नहीं होगी, लेकिन मेजर आदित्य से पूछताछ की जा सकती है. उत्तरी क्षेत्र सेना कमांडर के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि सेना पूरी तरह से जवानों के साथ खड़ी है.

बता दें सेना ने 27 जनवरी को पत्थर फेंक रही भीड़ पर गोलीबारी की थी. सेना ने दावा किया कि हमलावर हुई भीड़ के हाथों सात जवानों के घायल होने के बाद उसने आत्म रक्षा के लिए गोलीबारी की थी. इस घटना में बुधवार सुबह इलाज के दौरान हुई अहमद की मौत के साथ मरने वालों की संख्या 3 हो गई.