श्रीनगर: सेना ने मंगलवार को अपने चार बहादुर जवानों को उनकी पहली पुण्यतिथि पर याद किया, जो पुलवामा आत्मघाती हमले के मास्टरमाइंड के खात्मे के दौरान शहीद हो गए थे. पुलवामा आत्मघाती हमला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक काफिले पर बीते साल हुआ था. जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक आत्मघाती हमलावर द्वारा कश्मीर के पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ काफिले पर 14 फरवरी, 2019 को हुए हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे. Also Read - Covid-19: सेना ने पंजाब, हरियाणा के 3 कोविड अस्पतालों में लगाए ऑक्सीजन प्लांट, दिन-रात काम कर रहे जवान

पुलवामा, श्रीनगर से 25 किमी दूर है. बीते साल इसी दिन सुरक्षा बलों द्वारा एक अभियान कामरान उर्फ गाजी रशीद को खत्म करने के लिए चलाया गया था. गाजी रसीद, सीआरपीएफ काफिले पर आईईडी हमले का मास्टरमाइंड था. रशीद एक पाकिस्तानी आतंकवादी था और जेईएम का ‘चीफ ऑपरेशनल कमांडर’ था. Also Read - Indian Army SSC Officer Recruitment 2021: भारतीय सेना में ऑफिसर बनने का सुनहरा मौका, आवेदन प्रक्रिया शुरू, लाखों में होगी सैलरी

आईईडी विशेषज्ञ रशीद ने अदिल डार को प्रशिक्षित किया था. डार जेईएम का आतंकी था, जिसने विस्फोटक से भरे वाहन को काफिले से टकरा दिया. मुठभेड़ के दौरान सेना के चार जवानों -मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल, सिपाही हरि सिंह, हवलदार शयोराम और सिपाही अजय कुमार ने अपना जीवन कुर्बान कर दिया. Also Read - Indian Army Recruitment 2021: भारतीय सेना में नौकरी करने का सुनहरा मौका, आवेदन प्रक्रिया शुरू, लाखों में मिलेगी सैलरी

सेना की उत्तरी कमान ने एक ट्वीट में कहा, “भारतीय सेना 18 फरवरी, 2019.. बहादुर जवान वीरता से लड़े, अनुकरणीय साहस का प्रदर्शन किया और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड को खत्म किया और सर्वोच्च बलिदान दिया. गौरवान्वित राष्ट्र अपने बहादुरों को याद करता है.”

श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों ने भी ट्वीट किया. ढिल्लों ने ट्वीट में कहा, “उन्होंने 100 घंटे के भीतर पुलवामा को न्याय दिलाया. शहीद साथियों को सलाम.”

(इनपुट आईएएनएस)