श्रीनगर: आर्मी के जवान औरंगजेब का शनिवार को उनके पुंछ जिले के पैत्रिक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया. बीते 14 जून को आतंकियों ने सेना के राइफलमैन औरंगजेब का अपहरण कर लिया था. इसके बाद पुलवामा जिले के गुसू में उनका शव मिला था. शहीद जवान के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों की उपस्थति में किया गया.

शहीद राइफलमैन के पिता मोहम्मद हनीफ ने कहा, ”मेरे बेटे ने अपनी प्रतिज्ञा का पालन किया है, उन्होंने अपना वादा रखा है. उन्होंने खुद को राष्ट्र के लिए त्याग दिया और मेरे पास वापस आ गया. मैं आतंकवाद को खत्म करने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकारों से अनुरोध करता हूं”.

पुलिस ने गुरुवार को बताया था कि कंपनी कमांडर के करीबी औरंगजेब ईद मनाने के लिए गुरुवार सुबह अपने घर राजौरी जा रहे थे, इसी दौरान पुलवामा के कालम्पोरा से आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया था. पुलिस और सेना की ज्वाइंट टीम को औरंगजेब का शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला था. उनके सिर और गर्दन पर गोलियां मारी गई औरंगजेब जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री का जवान औरंगजेब शोपियां में शादीमार्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल्स शिविर में तैनात था.

अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 9 बजे यूनिट के सैनिकों ने एक कार को रोककर चालक से औरंगजेब को शोपियां तक छोड़ने को कहा. आतंकवादियों ने उस वाहन को कालम्पोरा में रोका और जवान का अपहरण कर लिया था.
(इनपुट-एजेंसी)