नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ते हुए बीती 2 मई को शहीद हुए शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा मेजर अनुज सूद, नायक राजेश कुमार, लांस नायक दिनेश सिंह को भारतीय सेना ने सोमवार को श्रीनगर में पूरे सैन्‍य सम्‍मान के साथ उन्‍हें विदाई दी. Also Read - चीन से तनाव: रक्षामंत्री ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों और Chief of Defence Staff की मीटिंग की

आर्मी ने शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा मेजर अनुज सूद, नायक राजेश कुमार, लांस नायक दिनेश सिंह के सम्‍मान में पुष्‍प मालयार्पण सेरेमनी में अपना सम्‍मान प्रकट किया. Also Read - डोकलाम के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच हो सकती है सबसे बड़ी सैन्य तनातनी

बता दें कि उत्तर कश्मीर के रजवार जंगल स्थित एक गांव में बीते 2 मई को आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक कर्नल और एक मेजर समेत पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और दो आतंकवादी भी ढेर हुए. हाल के वर्षों में सेना को हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान है. Also Read - जम्मू कश्मीर: पाकिस्तान से आया संदिग्ध कबूतर पकड़ा गया, कूट भाषा में लिखे संदेश को समझने की कोशिश कर रहे अधिकारी

मुठभेड़ में शहदी कर्नल आशुतोष शर्मा 21 राष्ट्रीय रायफल्स बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर थे. कर्नल शर्मा कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ कई अभियानों में हिस्सा ले चुके थे. शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों में मेजर अनुज सूद, नायक राजेश कुमार, लांस नायक दिनेश सिंह और जम्मू कश्मीर पुलिस के उप निरीक्षक सगीर काजी शामिल हैं.

शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों में कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश और लांस नायक दिनेश शामिल हैं। ये सभी ब्रिग्रेड आफ द गार्ड्स रेजीमेंट से थे और वर्तमान में 21 राष्ट्रीय राइफल्स का हिस्सा थे जो कि आतंकवाद निरोध के लिए तैनात थे. इस मुठभेड़ में जम्मू कश्मीर पुलिस के सब-इंस्‍पेक्‍टर सगीर अहमद पठान उर्फ काजी भी आतंकवादियों की गोलियां लगने से शहीद हो गए थे.

बता दें कि इससे पहले वर्ष 2015 में आतंकवाद की अलग-अलग घटनाओं में दो कर्नल रैंक के अधिकारी शहीद हुए थे. रजवार जंगल स्थित एक गांव में हुए मुठभेड़ की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी भी मारे गए हैं, जिनमें प्रतिबंधित लश्कर-ए- तैयबा का कमांडर हैदर भी शामिल है, जो कि एक पाकिस्तानी नागरिक था और उत्तर कश्मीर के क्षेत्र में सक्रिय था. इन आतंकवादियों ने कुछ नागरिकों को बंधक बना रखा था. गोलीबारी और अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ आतंकवादी भागने में कामयाब हुए हैं, जिनको पकड़ने के लिए पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया था.

सुरक्षा बलों को पिछले कुछ दिनों से हंदवाड़ा क्षेत्र में रजवार के जंगल में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चला था और गुरुवार को जंगल में एक संक्षिप्त मुठभेड़ हुई थी. शनिवार दोपहर के आसपास, चंगीमुल्ला गांव स्थित एक घर के भीतर आतंकवादियों के एक समूह की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली. इसके बाद कर्नल शर्मा ने अपनी टीम और काजी के साथ मिलकर घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया.

कुछ समय तक शांति रहने के बाद बाद कर्नल शर्मा और चार अन्य कर्मी यह मानकर बगल में स्थित गोशाला से घर में घुसे थे कि आतंकवादी भारी गोलीबारी में मारे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, टीम नागरिकों को बचाने के बाद भारी गोलीबारी की जद में आ गई और कर्नल शर्मा और उनकी टीम के साथ सभी संचार सम्पर्क टूट गया था . टीम के मोबाइल फोन पर की गई कॉल का जवाब आतंकवादियों ने दिया था. सेना ने उसके बाद पैरा-ट्रूपर को भेजा था और उन्होंने यह पता लगने के बाद कि सैन्य अधिकारी और उनकी टीम मुठभेड़ में शहीद हो गई है, पौ फटते ही एक अभियान शुरू किया और दोनों आतंकवादियों को मार गिराया था.