नई दिल्ली। शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज आज यह देखकर खुश होते कि जम्मू-कश्मीर के 11 युवक भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से स्नातक कर भारतीय सेना के अधिकारी बन गए हैं. भारतीय सेना में शनिवार को शामिल होने वाले 479 युवकों के साथ इन 11 युवाओं को सेना में शामिल होते देख उन्हें काफी गर्व महसूस होता.Also Read - Republic Day 2022 से पहले जम्मू के सांबा सेक्टर में मिला पाकिस्तानी झंडा, लिखा है 4 Whatsapp नंबर, मची खलबली

23 वर्षीय उमर फयाज 2016 में सेना में शामिल हुए थे, लेकिन इस साल 9 मई को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों ने फयाज को अगवा कर हत्या कर दी थी. फयाज कुलगाम जिले में अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे, जहां से आतंकियों ने उन्हें अगवा कर लिया था. फयाज इस दौरान छुट्टी पर थे और उनके पास कोई हथियार नहीं था. Also Read - Viral Video: कश्मीर की सड़कों की खराब हालत दिखाने के लिए रिपोर्टर बनी छोटी बच्ची, अंदाज पर फिदा हो गया इंटरनेट- देखें वीडियो

कश्मीरी पंडित आशुतोष ने कहा कि सेना में शामिल होने वाले ये सभी 11 युवक फयाज को जानते थे और उन्हें अपना रोल मॉडल मानते थे. जब मैंने फयाज की मृत्यु के बारे में सुना तो मुझे बहुत डर लगा लेकिन इससे आतंकवादियों को गिराने का मेरा संकल्प और मजबूत हो गया. आशुतोष ने कहा कि मैं घाटी में तैनात होना चाहता था और सौभाग्य से मेरी यह इच्छा पूरी हो गई है. आशुतोष सेना में शनिवार को शामिल हुए हैं. Also Read - जम्मू-कश्मीर के बडगाम में रात भर चली मुठभेड़ में तीन आतंकवादी हुए ढेर, सभी का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना में शामिल हुए मोहम्मद सलमान ने कहा कि फयाज बहुत विनम्र थे और उत्साह से भरे हुए थे. लद्दाख के रहने वाले मोहम्मद सलमान ने आगे बताया कि वह बहुत नरम दिल के थे. उसी क्षेत्र में मेरे सीनियर होने के नाते हमारे बीच अच्छा रिश्ता था.

बता दें कि उमर फयाज की हत्या ने कश्मीर को झकझोर के रख दिया था .ऐसे में जम्मू-कश्मीर के 11 युवाओं का सेना में शामिल होना एक उम्मीद की किरण है. फयाज के शहादत पर अरुण जेटली ने कहा था कि इस युवा अधिकारी की शहादत आतंकवाद खत्म करने को लेकर एक बार फिर देश की प्रतिबद्धता को दोहराती है. जम्मू-कश्मीर का यह युवा अधिकारी एक रोल मॉडल था.