हंदवाड़ा: कुपवाड़ा, तंगधार और हंदवाड़ा से आए सैकड़ों गुर्जर, बकरवाल और अन्य कश्मीरियों ने अनुच्छेद 370 के हटने को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे पाकिस्तान के प्रयासों को खारिज करते हुए बुधवार को जम्मू एवं कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा हटने की पहली वर्षगांठ मनाते हिए बांगुस आवाम मेला लगाया. सोमवार से शुरू दो दिवसीय वार्षिक मेले में लोगों की भीड़ देखी गई. मेले का आयोजन बड़ी धूमधाम के साथ किया गया है. मेले के पहले दिन घुड़दौड़, भेड़ चराने, रस्साकशी और वुड चॉपिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इसमें गर्मी के महीनों के दौरान घास के मैदानों में रहने वाले विभिन्न गुर्जर, बकरवाल समुदायों के लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. Also Read - नहीं मान रहा नेपाल, अब पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया भारत के क्षेत्रों को दिखाने वाला मैप

समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों के अनुरोध पर स्थानीय राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट द्वारा पशु चिकित्सा और मेडिकल शिविर भी आयोजित किया गया था. इस दौरान 49 बच्चों सहित कुल 679 रोगियों का डॉक्टरों ने उपचार किया और मुफ्त दवाएं दी. पशु चिकित्सा शिविर ने 135 पशुओं को चिकित्सा सहायता प्रदान की. Also Read - PM मोदी, प्रेसिडेंट पुतिन के बीच टेलिफोन पर हुई बातचीत, रिश्‍तों को मजबूत करने का लिया संकल्प

इसका आयोजन कर्नल आशुतोष शर्मा की यूनिट द्वारा किया गया था, जो उत्तरी कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान मारे गए पांच सुरक्षा बलों के जवानों में शामिल थे. आशुतोष शर्मा 21 राष्ट्रीय राइफल्स के दूसरे कमांडिंग ऑफिसर थे जिन्होंने इस साल मई में आतंकवाद का मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवा दी थी. Also Read - पाकिस्तान की नापाक चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव की तैयारी

मेले के दूसरे दिन मंगलवार को दर्शकों ने गुर्जर समुदाय द्वारा पेश किए गए लोक गीतों का आनंद लिया, स्थानीय बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और गाव के खेलों के फाइनल के अलावा हंदवाड़ा कुडू एसोसिएशन द्वारा नृत्य और कराटे प्रदर्शन का भी आनंद लिया. इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और समुदाय के बुजुर्गों द्वारा सेना को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भाषण के साथ हुआ.