नई दिल्ली। सहमति के आधार पर बनाए जाने वाले समलैंगिक यौन संबंधों को अपराध के दायरे से बाहर करने के सुप्रीम के फैसले के बाद एलबीजीटी समुदाय में जबरदस्त उत्साह और खुशी है. कोर्ट के इस फैसले का एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी स्वागत किया है. तकरीबन हर बड़े मंच पर इस फैसले का समर्थन किया जा रहा है. गूगल और फेसबुक ने भी इस फैसले को अपने अंदाज में सेलीब्रेट किया है. Also Read - पक्षपात का आरोप झेल रहीं अंखी दास ने दिया फेसबुक से इस्तीफा, जानिए क्या है पूरा मामला

गूगल इंडिया ने बृहस्पतिवार को अपने होमपेज पर इंद्रधनुषी झंडा लगाया.  विभिन्न मौकों पर डूडल लगाने के लिए प्रसिद्ध दिग्गज इंटरनेट कंपनी ने अपने वेबपेज के सर्चबार के नीचे सात रंगों का झंडा लगाया. माउस का कर्सर झंडे पर ले जाने पर एक पॉपअप संदेश आता है ‘सेलेब्रेटिंग इक्वल राइट्स.’ Also Read - Data Controversy: संसद की समिति ने फेसबुक, ट्विटर को भेजा समन

इसी तरह, फेसबुक ने भी अपना डीपी बदल लिया है और उसकी जगह कई रंगों का आइकन लगाया है. इंद्रधनुषी झंडे को लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) समुदाय के गौरव और सामाजिक आंदोलनों से जोड़कर देखा जाता है. Also Read - Facebook Neighborhoods Feature: Facebook ला रहा खास फीचर, पड़ोसियों के बारे में जानना होगा आसान

समलैंगिकता अपराध नहीं

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कहा कि समलैंगिकता अपराध नहीं है. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कहा कि LGBT (लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर) को भी बाकी नागरिकों की तरह अधिकार हैं. दो बालिगों की सहमति से अप्राकृतिक संबंध जायज है. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आम राय से कहा, 377 अतार्किक और मनमानी धारा है. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आम राय से कहा,अंतरंगता और निजता निजी पसंद है.