धमाकेदार रिपोर्ट: 2026 में AI पर खर्च होगा 2.52 ट्रिलियन डॉलर! भविष्य खतरनाक? क्या दुनिया मशीनों के जाल में फंस जाएगी?

Written By: Farha Fatima Updated by: Farha Fatima
Updated Date:January 17, 2026 7:25 AM IST

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे कंप्यूटर की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़ी कंपनियां अब एआई को केवल प्रयोग के तौर पर नहीं, बल्कि मुनाफा कमाने के लिए इस्तेमाल करने लगी हैं.

साल 2026 में दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर खर्च करीब 2.52 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 44 प्रतिशत अधिक होगा. गुरुवार को जारी गार्टनर की एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. गार्टनर के विशिष्ट उपाध्यक्ष विश्लेषक जॉन-डेविड लवलॉक ने कहा कि एआई को अपनाने में केवल पैसा ही सबसे बड़ा कारण नहीं है, इसके लिए जरूरी है कि संस्थानों के पास प्रशिक्षित लोग और सही काम करने की व्यवस्था भी हो. उन्होंने बताया कि अब कंपनियां केवल भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा करने के बजाय, पहले से सिद्ध परिणामों को ज्यादा महत्व दे रही हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई की बुनियादी व्यवस्था तैयार करने के चलते एआई के लिए खास सर्वरों पर खर्च में 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. यह कुल एआई खर्च का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा होगा.

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तकनीकी सुविधाएं तैयार करने में 401 अरब डॉलर खर्च

एआई से जुड़ी तकनीकी सुविधाएं तैयार करने में करीब 401 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च आएगा. यह खर्च तकनीकी कंपनियों द्वारा एआई को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा. लवलॉक ने आगे कहा कि वर्ष 2026 तक एआई एक ऐसे दौर में रहेगा, जहां लोगों की उम्मीदें कुछ हद तक कम हो सकती हैं. इसलिए ज्यादातर कंपनियां एआई को किसी नई योजना के रूप में नहीं, बल्कि अपने पुराने सॉफ्टवेयर देने वाली कंपनियों के जरिए ही अपनाएंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक एआई से होने वाले लाभ का सही अनुमान नहीं लग जाता, तब तक कंपनियां इसे बड़े स्तर पर लागू नहीं कर पाएंगी.

AI के लिए हर साल करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की आमदनी

एक अन्य हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2030 तक दुनिया में एआई की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर साल करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की आमदनी चाहिए होगी, ताकि कंप्यूटिंग शक्ति का खर्च उठाया जा सके. हालांकि, एआई से होने वाली बचत के बावजूद भी दुनिया को अभी करीब 800 अरब डॉलर की कमी का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक एआई के लिए जरूरी बिजली की मांग 200 गीगावाट तक पहुंच सकती है, जिसमें से आधी बिजली की जरूरत अमेरिका में होगी.

एआई को प्रयोग मुनाफा कमाने के लिए

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे कंप्यूटर की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़ी कंपनियां अब एआई को केवल प्रयोग के तौर पर नहीं, बल्कि मुनाफा कमाने के लिए इस्तेमाल करने लगी हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में कई कंपनियों ने एआई को अपने मुख्य कामकाज में अपनाकर 10 से 25 प्रतिशत तक मुनाफा बढ़ाया है. (इनपुट एजेंसी से)

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