नई दिल्ली। 9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर देश से फरार विजय माल्या को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में वार पलटवार का दौर जारी है. आज दिन भर ये सिलसिला चलता रहा. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का कहना है कि उस दिन अरुण जेटली और विजय माल्या की मुलाकात नहीं हुई थी. इसे लेकर कांग्रेस नेता पीएल पुनिया का दावा पूरी तरह गलत है.

बीजेपी ने कहा, पुनिया का दावा गलत

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने कहा है कि अरुण जेटली उस दिन संसद के सेंट्रल हॉल ही नहीं गए थे जिस दिन दोनों के बीच की मुलाकात का दावा किया जा रहा है. बीजेपी ने कहा कि 1 मार्च 2016 को अरुण जेटली और माल्या की मुलाकात ही नहीं हुई थी क्योंकि जेटली उस दिन सेंट्रल हाल गए ही नहीं थे. बीजेपी का कहना है कि उस दिन जेटली 12.45 पर विज्ञान भवन चले गए थे. इसलिए पीएल पुनिया का दावा पूरी तरह गलत है कि उन्होंने सेंट्रल हॉल में दोनों को मिलते देखा था.

माल्या ने किया था मुलाकात का दावा

बता दें कि दो दिन पहले ही विजय माल्या ने लंदन में दावा किया था कि वह देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मिले थे. उन्होंने वित्त मंत्री के सामने मामले को सुलझाने की पेशकश की थी. मुझे बलि का बकरा बनाया गया है. माल्या के इस बयान के बाद सियासी तूफान उठ गया था और कांग्रेस ने बीजेपी पर हमले तेज कर दिए. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर अरुण जेटली से इस्तीफा मांगते हुए पीएम से जांच कराने की मांग की थी.

पुनिया ने कहा- सीसीटीवी कैमरे में कैद है माल्या-जेटली मुलाकात की सच्चाई, राहुल बोले- इस्तीफा दें वित्त मंत्री

उसी दिन कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने दावा किया था कि उन्होंने सेंट्रल हॉल में खुद जेटली और माल्या के बीच मुलाकात होते देखी थी. दोनों के बीच काफी देर तक बात होती रही. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज निकालने की भी मांग की थी. अगले दिन राहुल गांधी ने पीएल पुनिया और दूसरे कांग्रेस नेताओं के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार से मामले की जांच कराने और जेटली से इस्तीफा देने की मांग की. वहीं, अरुण जेटली ने अपनी सफाई में कहा कि सदन से निकलते समय विजय माल्या खुद उनके पास तेजी से आए और मामले को सुलझाने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने माल्या से बैंकों में जाकर मामला सुलझाने को कहा.