नई दिल्ली। देश से भागने से पहले वित्त मंत्री से मुलाकात करने संबंधी विजय माल्या के दावे को लेकर अरुण जेटली पर विपक्ष का हमला तेज हो गया है. इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में स्वंतत्र जांच का आदेश देना चाहिए और जांच होने तक जेटली को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

विजय माल्या का सनसनीखेज दावा, देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मिला था

राहुल ने मांगा इस्तीफा

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, लंदन में माल्या की ओर से लगाये गए अति गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रधानमंत्री को तुरंत स्वतंत्र जांच का आदेश देना चाहिए. जब तक जांच चलती है तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से हट जाना चाहिए.

माल्या का दावा, वित्त मंत्री से मिला था

दरअसल, माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिले थे. लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.

अरुण जेटली की सफाई, मैंने विजय माल्या को कभी मुलाकात का वक्त ही नहीं दिया

उधर, वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था. जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था.

जेटली ने कहा कि क्योंकि माल्या राज्यसभा सांसद थे और कभी कभार संसद भी आते थे. एक बार उन्होंने इस पद का तब दुरुपयोग किया जब मैं सदन से बाहर निकलकर कमरे जा रहा था. वह तेजी से मेरे पास आए और कहा कि समझौते को लेकर मेरे पास एक ऑफर है. लेकिन उनके फर्जी दावों को जानते समझते हुए मैंने कहा कि मुझसे बात करने का कोई फायदा नहीं है. उन्हें बैंकों से बात करनी चाहिए. मैंने उनसे वो पेपर भी नहीं लिए जो उनके हाथ में थे.