नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश कर दिया। जेटली ने चार सहायक विधेयकों सी-जीएसटी, आई-जीएसटी, यूटी-जीएसटी और मुआवजा कानून को लोकसभा में पेश किया। इन पर 28 मार्च को बहस हो सकती है। बाद में इसे राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा। Also Read - JP Nadda Birthday: ABVP के छात्र नेता से लेकर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, जेपी नड्डा ने ऐसे छुईं ऊँचाईयां

इन चारों विधेयकों पर चर्चा की अवधि निर्धारित करने के लिए लोकसभा की बिजनेस एडवायजरी कमेटी आज यानि सोमवार को बैठक कर सकती है। सरकार चाहती है कि जीएसटी विधेयक लोकसभा में हर हाल में 30 मार्च तक पारित हो जाएं। लोकसभा में पास होने के बाद इन विधेयकों को राज्यसभा में रखा जाएगा। मोदी सरकार की योजना एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की है। Also Read - काशी: पीएम मोदी ने किया 'देव दीपावली' का आगाज: विपक्ष पर साधा निशाना, 'कुछ लोगों के लिये विरासत का मतलब परिवार से है'

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जीएसटी राज्यों के स्थानीय और केंद्र के करों को एक में समाहित कर देगा। सभी सामान और सेवाओं पर एक ही टैक्स वसूला जाएगा। अगर जीएसटी की दर 18% है तो केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी में 9-9 फीसदी का बंटवारा होगा। बता दें कि जीएसटी को लेकर सरकार को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इसके लिए कई राज्यों को मनाना पड़ा। किसी तरह सहमति बनी है अब इस पर संसद में जल्द मुहर लगवाकर एक जुलाई से लागू करवाने की चुनौती है।