नई दिल्ली. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि क्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी किसी ऐसी सभा में जाते जहां ‘भारत तेरे टुकड़े-टुकड़े’ के नारे लगाए जाते. वे ऐसा नहीं करते. लेकिन कांग्रेस पार्टी का मौजूदा नेतृत्व व्यक्तिगत महत्वकांक्षा के लिए ऐसा कर रहा है. वित्तमंत्री ने पहले ‘अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान’ में ये बात कही.

वित्तमंत्री ने इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी विचारधारा नेहरू से अलग थी. लेकिन वह उनका आदर करते थे. उन्होंने नेहरू को श्रद्धांजलि देने के दौरान साल 1964 में संसद में सबसे अच्छा भाषण दिया था. उन्होंने कहा कि आजाद भारत में इस तरहा का भाषण पहले नहीं सुना था. उन्होंने कहा कि जो नेहरू की विरासत संभालने का दावा करते हैं, उनमें जरा भी पढ़ने की ललक हो तो वे वाजपेयी का वह भाषण सुनेंगे.

सरकार होती है जवाबदेह
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि देश, किसी भी संस्थान और सरकार से ऊपर है. उन्होंने कहा कि केंद्र हो या राज्य जवाबदेही अंतत: चुनी हुयी संस्थाओं की ही होती है, जो गैर-जवाबदेह है उसकी कोई जवाबदेही नहीं. वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या किसी संस्थान की गैर-जवाबदेही भ्रष्टाचार को छुपाने और जांच में दुस्साहस करने का आधार बन सकती है.उन्होंने कहा कि देश किसी भी संस्थान और सरकार से बड़ा होता है.

सीबीआई में बदलाव
बता दें कि सीबीआई में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बाद सरकार ने जांच एजेंसी के मुखिया व एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी को छुट्टी पर भेज दिया. कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने सरकार द्वारा सीबीआई निदेशक को जबरन छुट्टी पर भेजने को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुये आरोप लगाया है कि राफेल खरीद सौदे की जांच रोकने के लिये सरकार ने यह कदम उठाया.