ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने 19 मार्च को ऊपरी सुबानसिरी जिले में मैकमोहन रेखा के समीप अस्पीला सेक्टर से 21 वर्षीय एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया. Also Read - डोकलाम के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच हो सकती है सबसे बड़ी सैन्य तनातनी

पुलिस ने कहा कि अब तक इस युवक कोई अता पता नहीं चल पाया है. पुलिस महानिरीक्षक चुखू अपा ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक तारू गुसार ने नाचो थाने के प्रभारी को मौके पर भेजा था और जांच से इस घटना की पुष्टि हुई है. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

पुलिस महानिरीक्षक अपा ने कहा, ”राज्य सरकार को इसके बारे में बताया जाएगा ताकि उस हिसाब से कार्रवाई की जा सके, क्योंकि यह मामला विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आता है.” Also Read - कोरोना के बढ़ते मामले या सीमा पर तनाव है वजह! भारत से अपने नागरिकों को निकालेगा चीन

वैसे सेना की पूर्वी कुमान के मुख्यालय का इस घटना के संबंध में संबंधित प्रश्नों का उत्तर आना अभी बाकी है.

राज्यपाल बी डी मिश्रा को 27 मार्च को सौंपे ज्ञापन में तागिन कल्चरल सोसायटी ने कहा था कि टोगले सिंगकाम और उसके दो दोस्त–गामशी चादर और रोन्या नादे मछली पकड़ रहे थे, उसी वक्त चीनी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घात लगाकर पकड़ लिया.

ज्ञापन में कहा गया है, ”सिंगकाम के दो दोस्त भागने में सफल रहे जबकि उसे चीनी सुरक्षाकर्मियों ने बंदूक का भय दिखाकर अगवा कर लिया.” ज्ञापन के अनुसार सिंगकाम के परिवार ने 23 मार्च को नाचो थाने में शिकायत दर्ज करायी.

राज्यपाल कार्यालय ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की है. उसमें यह भी दावा किया गया है कि सिंगकाम को जहां से अगवा किया गया, वह उसके पूर्वजों की जमीन है और भारतीय सीमा के अंदर है.

मैकमोहन रेखा चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र एवं अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमांकन करती है, लेकिन चीन अरूणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है. इस बीच राज्य के कई संगठनों ने राज्य सरकार से युवक की सुरक्षित रिहाई के लिए केंद्र के सामने यह मामला उठाने की अपील की है.