गाजियाबाद: कोरोना जैसी महामारी में भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर शर्मनाक टिप्पणी करने वाले दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) एमएलए राघव चड्ढा के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कर दी गई है. दूसरी एफआईआर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले के कवि नगर थाने में दर्ज हुई है. एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कराई है. अब से कुछ देर पहले ही यह दूसरी एफआईआर दर्ज कराई गई है. दूसरी एफआईआर के मुताबिक, “आरोपी, संदिग्ध, अभियुक्त के कॉलम में राघव चड्ढा, सदस्य दिल्ली विधानसभा लिखा है. रविवार को गाजियाबाद के थाना कवि नगर में दर्ज इस एफआईआर नंबर 0594 में आईपीसी की धारा-505 के तहत मामला लिखवाया गया है.” Also Read - दिल्ली में कोरोना के मामले 25 हजार के पार, 161 और मरीजों की मौत; 29.74 प्रतिशत हुई संक्रमण की दर

शिकायतकर्ता गाजियाबाद के गोविंदपुरम में रहने वाले पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने शिकायत के साथ पुलिस को ‘आप’ एमएलए राघव चड्ढा के ट्विटर एकाउंट का वो ‘स्क्रिन-शॉट’ भी दिया है, जिसमें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पर लांक्षन लगाए गए थे. गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित एफआईआर में कहा गया है कि, ‘आरोपी एमएलए ने कोरोना जैसी मुसीबत/महामारी के वक्त में जन-भावनाओं को भड़काने जैसा भद्दा मजाक किया है.’ एफआईआर में लिखा है कि, “आरोपी ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उपर आरोप/लांक्षन लगाया कि, वे दिल्ली से यूपी की ओर कूच करने वालों को धमका रहे हैं. योगी कह रहे हैं कि, दिल्ली से यूपी जाने वाले लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवाया जायेगा. उसने ट्विटर हैंडल पर जनभावनाओं को भड़काने का ओछा काम इसके बाद भी जारी रखा. साथ ही अगली लाइन में लिखा ‘योगी जी ने जनता से कहा कि तुम क्यों दिल्ली गये थे. अब तुम लोगों को कभी दिल्ली नहीं जाने दिया जायेगा.” Also Read - VIDEO | क्या हवा के माध्यम से भी आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है कोरोना वायरस?

कवि नगर थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, “आप एमएलए राघव चड्ढा ने कोरोना जैसी त्रासदी में भी जनमानस और श्रमिक वर्ग को यूपी सरकार और वहां के मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ भड़काने/ उकसाने का घिनौना कृत्य किया है. जिससे पहले से ही परेशानियों से जूझ रहे एक बेबस परेशान-हाल वर्ग में हड़कंप मच गया.” पेशे से वकील और शिकायतकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने एफआईआर में आगे लिखवाया है, “जनप्रतिनिधि होने के बावजूद राघव चड्ढा ने जो कुकृत्य पेश किया है, वो भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए के अंतर्गत अपराध है. Also Read - कोरोना महामारी के बीच Honda की इन कारों पर मिल रहा है Big Discount, नकद छूट से साथ और भी कई लाभ

साथ ही संवैधानिक रुप से चुनी गयी सरकार के खिलाफ जान बूझकर घृणा-नफरत फैलाना का भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए के अंतर्गत अपराध है. राघव चड्ढा ने धारा 499-500 अंतर्गत भी अपराध को अंजाम दिया है. आरोपी ने जिस तरह से फरेब-झूठ का सहारा लेकर दो वर्गों के बीच वैमनस्य की खाई खोदी है, वो भी भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (2) के तहत अपराध बनता है.” उल्लेखनीय है कि, इससे पूर्व रविवार को तड़के करीब ढाई बजे आप एमएलए राघव चड्ढा के खिलाफ नोएडा सेक्टर-20 कोतवाली में भी एक आपराधिक मामला दर्ज कराया गया था. वो मामला दिल्ली के कड़कड़डूमा इलाके में रहने वाले और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल उमराव ने दर्ज कराया था.