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नई दिल्ली 22 मई: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की उस अधिसूचना पर हमला बोला, जिसमें लोक व्यवस्था और सेवा से जुड़े मामलों में उपराज्यपाल की शक्ति का उल्लेख किया गया है। केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार आम आदमी पार्टी (आप) के अच्छे कार्यो से परेशान हो गई है। केजरीवाल ने यहां पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अधिसूचना इसलिए जारी की है, क्योंकि वे आप की सरकार द्वारा किए गए अच्छे काम से परेशान हो गए हैं।” यह भी पढ़े:गृह मंत्रालय की अधिसूचना भाजपा की हताशा का परिचायक : केजरीवाल Also Read - School Reopening In Delhi 2021: 18 January से दिल्ली में खुलेंगे स्कूल, 10वीं-12वीं के क्लासेज होंगे शुरू

उन्होंने कहा, “अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले के लिए पैसे लिए जाते हैं, और अधिसूचना इसीलिए जारी की गई क्योंकि उनकी सरकार ने इसे बंद कर दिया है।” उन्होंने कहा, “वे (भाजपा) दिल्ली में अधिकारियों के तबादले और तैनाती का अधिकार चाहते हैं, ताकि वे अपने लोगों को दिल्ली में तैनात कर सकें।” केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर विकास संबंधी मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप लगाते हुए कहा, “उनका पूरा ध्यान अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति पर है।”

उन्होंने कहा, “हमारी उपराज्यपाल से कोई सीधी लड़ाई नहीं है। वह तो एक चेहरा हैं जिसे प्रधानमंत्री दफ्तर से निर्देश दिए जा रहे हैं।” केजरीवाल ने हालांकि अधिसूचना का जवाब देने के संबंध में अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा, “हम इसे (अधिसूचना) समझ रहे हैं। इस संबंध में हमने कानूनी विशेषज्ञों की सलाह मांगी है।”

अधिसूचना गुरुवार को जारी की गई थी, लेकिन यह प्रकाश में शुक्रवार को आई। इसमें कहा गया है, “संविधान द्वारा अंत:स्थापित अनुच्छेद 293एए (69वां संशोधन अधिनियम 1991) में कहा गया है कि संघ शासित प्रदेश दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कहा जाएगा और इसका व्यवस्थापक उपराज्यपाल के रूप में नामित किया जाएगा।” केजरीवाल और जंग के बीच विवाद वरिष्ठ नौकरशाह शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ था। उपराज्यपाल ने 15 मई को गैमलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया था। केजरीवाल का आरोप है कि गैमलिन राष्ट्रीय राजधानी में बिजली वितरण कंपनियों के लिए लॉबिंग करती थीं।