नई दिल्ली: लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिये सरकार के सुचारु संचालन का हवाला देते हुये केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. केजरीवाल ने रविवार को अपनी पिछली सरकार के सभी छह मंत्रियों के साथ यहां रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण करने के बाद संबोधन में कहा कि वह दिल्ली के विकास के लिये केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और सरकार के सुचारु कामकाज हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आशीर्वाद लेने के इच्छुक हैं. Also Read - प्रधानमंत्री की दीये जलाने की अपील भाजपा का छुपा एजेंडा: एचडी कुमारस्वामी

उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने पिछली सरकार में पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया सहित छह मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण की. केजरीवाल दिल्ली के लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी. Also Read - लॉकडाउन: दिल्ली में बिना राशन कार्ड वालों को भी मिलेगा 5 किलो राशन, केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला

शपथ ग्रहण समारोह के औपचारिक समापन के बाद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुये आप की ऐतिहासिक जीत का श्रेय दिल्ली की जनता को दिया. उन्होंने खुद को ‘दिल्ली का बेटा’ बताते हुये कहा, ‘‘आपके बेटे ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, यह जीत मेरी नहीं बल्कि प्रत्येक दिल्लीवासी की है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच सालों में हमारी यही कोशिश रही कि दिल्ली का कैसे बेहतर विकास हो. अगले पांच साल भी यही कोशिश रहेगी.’’ Also Read - Coronavirus को लेकर राम गोपाल वर्मा ने किया भद्दा मज़ाक, यूजर्स बोले- थोड़ी तो शरम करो, पुलिस लेगी एक्शन

केजरीवाल ने दिल्ली वालों को देश की राजनीति बदल देने का श्रेय देते हुये कहा कि दिल्ली को विश्वस्तरीय सर्वश्रेष्ठ शहर बनाने के लिये वह केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे और इसके लिये उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद की भी जरूरत होगी.

उन्होंने कहा कि दिल्ली वालों ने विकास को तरजीह देकर देश की राजनीति को बदलने का काम किया है. केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली को आगे बढ़ाने और इसे दुनिया का सबसे अच्छा शहर बनाने के लिये प्रधानमंत्री का भी आशीर्वाद चाहता हूं.’’ गौरतलब है कि केजरीवाल सरकार के पिछले दो कार्यकाल में केन्द्र सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर टकराव का मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंच चुका है.

केजरीवाल ने खुद को दलगत राजनीति से अलग बताते हुये कहा, ‘‘मैं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी मुख्यमंत्री हूं और भाजपा कांग्रेस सहित अन्य दलों के समर्थकों का भी मुख्यमंत्री हूं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच साल में मैंने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. किसी दूसरी पार्टी के समर्थक होने के आधार पर मैंने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. सभी के काम बिना किसी भेदभाव के किये. अब दो करोड़ दिल्ली वाले लोग मेरा परिवार हैं. मैं सभी के काम करूंगा. चाहे कोई किसी भी जाति धर्म का हो, अमीर हो या गरीब हो.’’

केजरीवाल ने चुनाव के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं की कड़वी बातें भुलाने की अपील करते हुये कहा, ‘‘मैं सभी के साथ मिल कर काम करना चाहता हूं. अब चुनाव खत्म हो गये हैं. चुनाव में राजनीति होती है और हुयी भी. हमारे लिये चुनाव में जिसने जो कुछ भी कहा, उसके लिये हमने उन्हें माफ कर दिया है.’’

केजरीवाल ने केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की पहल करते हुये कहा, ‘‘मैं केन्द्र के साथ मिलकर दिल्ली को आगे ले जाना चाहता हूं. शपथ ग्रहण समारोह का मैंने प्रधानमंत्री को भी न्योत भेजा था, मगर वह किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण नहीं आ सके. मैं दिल्ली को आगे बढ़ाने और इसे दुनिया का सबसे अच्छा शहर बनाने के लिये प्रधानमंत्री का भी आशीर्वाद चाहता हूं.’’

संबोधन के दौरान उन्होंने एक कविता के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दिल्ली सरकार की प्राथमिकता बताते हुये कहा, ‘‘जब भारत मां का हर बच्चा अच्छी शिक्षा पाएगा, तभी अमर तिरंगा आसमान में शान से लहरायेगा. जब भारत के हर बंदे को अच्छा इलाज मिल पाएगा, जब सुरक्षा और सम्मान महिलाओं को आत्मसम्मान दिलाएगा, तभी अमर तिरंगा आसमान में शान से लहरायेगा. हर नौजवान के माथे से बेरोजगार का तमगा हट जाएगा. जब किसान का पसीना उसके घर में खुशहाली लेकर आएगा, जब हर भारतवासी जीवन की मूलभूत सुविधाएं पाएगा, जब धर्म जाति से ऊपर उठकर हर भारतवासी भारत को आगे बढ़ाएगा, तभी अमर तिरंगा आसमान में शान से लहराएगा.’’

संबोधन के अंत में केजरीवाल ने मशहूर गीत ‘हम होंगे कामयाब’ भी गाया. रामलीला मैदान में मौजूद भीड़ ने भी इस गीत को गाने में केजरीवाल का साथ दिया.

(इनपुट भाषा)