नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ शुंगलू समिति की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के बारे में सुनकर दुखी हैं. हजारे ने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मेरे सहयोगी थे, उस समय मैंने अनुभव किया कि शिक्षित नई पीढ़ी देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने में सहायता कर सकती है। लेकिन यह एक बड़ा सपना था और मेरा सपना टूट गया.Also Read - दिल्ली में मिला 'Omicron' संक्रमित मरीज तो सीएम केजरीवाल ने की अपील, कहा-घबराने की जरूरत नहीं लेकिन...

हजारे ने कहा कि जब केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी की शुरुआत की तो भगवान की कृपा रही, जिन्होनें मुझे केजरीवाल से दूर रहने का ज्ञान दिया, नहीं तो मेरी प्रतिष्ठा बर्बाद हो जाती. महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि गांव से हजारे (79) ने एक बयान में कहा कि तब से और यहां तक कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरी उनसे मिलने की इच्छा नहीं हुई. अब मुझे समझ में आया कि वह मुझे हमेशा अपना ‘गुरु’ कहकर क्यों संबोधित करते थे। भगवान ने मुझे बचा लिया. Also Read - अरविंद केजरीवाल ने कहा- पंजाब के CM मुझे गाली दे रहे हैं, मेरा रंग काला, लेकिन नीयत साफ है

बता दें कि दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा नियुक्त एक समिति ने आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद करने और सत्ता का गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया, जिसके बाद गुरुवार को आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया. Also Read - पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा 'काले अंग्रेज', केजरीवाल बोले, 'लेकिन नीयत साफ है'

आगामी 23 अप्रैल को होने वाले निगम चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा कांग्रेस ने आप पर जोरदार हमला किया, वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने कहा है कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं.