नई दिल्ली. भीषण गर्मी के मौसम में दिल्ली वालों के लिए अच्छी खबर है. अब बिजली कंपनी ने ग्राहकों को बताए बिना बिजली काटी तो उसे ग्राहकों को 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से हर्जाना देना होगा. अरविंद केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंजूरी दे दी है. बता दें कि इसी तरह का एक स्कीम का प्रस्ताव केजरीवाल सरकार ने पहले भी दिया था, लेकिन उस पर किसी का सिग्नेचर नहीं था, इसलिए कैंसिल हो गया था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे क्रांतिकारी और नए तरह का पॉलिसी बताया. इससे बिजली वितरण करने वाली कंपनियां ग्राहकों के लिए सीधे उत्तरदायी होंगी. बिजली वितरण कंपनी ग्राहक को बिना बताए एक घंटे से ज्यादा तक बिजली काटी तो कंपनी को पहले दो घंटे 50 रुपये प्रति घंटे की दर से मुआवजा देना होगा. वहीं, दो घंटे के बाद 100 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना होगा.

केजरीवाल सरकार के इन नियम के मुताबिक, पहले एक घंटे की छूट सिर्फ उसी दिन के लिए होगी. वितरण कंपनी को अपने महीने के बिल में मुआवजे को भी दिखाना होगा. वहीं, अगर कंपनी मुआवजा नहीं देती है तो ग्राहण दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) में शिकायत कर सकते हैं.