नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए छह जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद तीस हजारी अदालत परिसर में दिल्ली के मुख्यमंत्री Delhi CM अरविंद केजरीवाल Arvind Kejriwal द्वारा मोहल्ला क्लीनिक खोलने का वादा करने पर चुनाव आयोग Election Commission of India ने गुरुवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया. Also Read - कम की गई केजरीवाल की सुरक्षा, हटाए गए दिल्ली पुलिस के कमांडो? जानिए क्या बोला गृह मंत्रालय

Election Commission of India ने केजरीवाल को भेजे नोटिस में उनसे 31 जनवरी को शाम पांच बजे तक इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है. आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, मकर संक्रांति से पहले 13 जनवरी को वकीलों द्वारा आयोजित लोहड़ी समारोह में केजरीवाल ने दिल्ली के सभी अदालत परिसरों में जमीन मुहैया कराए जाने पर मोहल्ला क्लीनिक खोलने का वादा किया था. Also Read - Ahmedabad Municipal Election Results: अहमदाबाद में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के उम्‍मीदवार भी आगे

इस मामले में दिल्ली भाजपा के नेता नीरज की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के आधार पर केजरीवाल से जवाब तलब किया है. आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उनसे इस बारे में अपना पक्ष रखने को कहा है. Also Read - Viral Video: दिल्ली के शिक्षा निदेशक छात्रों से बोले- अगर जवाब नहीं आता, तो प्रश्न को ही उत्तर में लिख दें

नोटिस में आयोग ने वकीलों के समक्ष केजरीवाल के भाषण में दिल्ली की सभी अदालतों में मोहल्ला क्लीनिक और जिम खोलने का वादा करने की सीईओ द्वारा पुष्टि करने की भी बात कही है. नोटिस के अनुसार तीस हजारी अदालत में दिल्ली बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केजरीवाल ने कहा था कि वह सभी अदालतों में मोहल्ला क्लीनिक बनाने के लिए तैयार हैं, अगर इसके लिए अदालत के अंदर जगह मुहैया करा दी जाए तो मोहल्ला क्लीनिक mohalla clinic और जिम बनवा देंगे.

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए छह जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव प्रचार के दौरान आयोग अब तक विवादित बयान देने के मामले में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और पश्चिमी दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश साहब सिंह वर्मा के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है.

आयोग ने दोनों नेताओं के विवादित बयान से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होने के आधार पर गुरुवार को ठाकुर को तीन दिन और वर्मा को चार दिन तक प्रचार में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया है. इससे पहले आयोग बुधवार को दोनों नेताओं के नाम भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने का आदेश दे चुका है. साथ ही मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार कपिल मिश्रा को भी विवादित ट्वीट करने के मामले में आयोग ने दो दिन तक चुनाव प्रचार करने से प्रतिबंधित किया था.