दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर नए विवाद में फसते नज़र आ रहे है। दरअसल, केजरीवाल आज तड़के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माफ़ी मांगने और माथा टेकने पहुंचे थे। सिख धर्मग्रंथ के अपमान को लेकर उठे विवाद से अपना पीछा छुड़ाने के लिए अरविंद केजरीवाल यहां पहुंचे थे, लेकिन यहां बर्तन साफ करने को लेकर नए विवाद में घिर गए हैं।Also Read - Lockdown In Delhi? दिल्ली में लॉकडाउन लगेगा, Omicron के खतरे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया ये जवाब

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आपको बता दें की केजरीवाल धर्मग्रंथ के अपमान को लेकर उठे विवाद से पीछा छुड़ाने स्वर्ण मंदिर पहुंचे थे। उनके साथ संजय सिंह, सुच्चा सिंह, एच एस फुलका तथा कई अन्य नेता भी मौजूद थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेवा देने के लिए केजरीवाल ने जिन बर्तनों को साफ किया असल में वो पहले से ही साफ बर्तन थे। सेवा करने के बाद हरमिंदर साहब से बाहर निकलकर केजरीवाल ने घोषणापत्र में हुई गलती के लिए माफी मांगी और कहा कि उनसे अनजाने में ये गलती हुई थी।

इससे पहले रविवार को जब केजरीवाल दिल्ली से 450 किलोमीटर दूर अमृतसर पहुंचे तो उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। दरअसल, इसी महीने की शुरुवात में आम आदमी पार्टी ने पंजाब में अपने घोषणा पत्र जारी किया। इलज़ाम है की आप के वरिष्ठ नेता आशीष खेतान ने ने घोषणापत्र की तुलना गीता,बाइबल, गुरु ग्रन्थ साहिब जैसे धार्मिक ग्रंथों से की थी। इतना ही नहीं घोषणा पत्र पर स्वर्ण मंदिर के साथ झाड़ू की एक तस्वीर को लेकर भी सिख संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया।