नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार महामारी की रोकथाम के लिए कई कदम उठा रही है और सात से 10 दिन के भीतर स्थिति नियंत्रण में आ जानी चाहिए. केजरीवाल ने कहा कि शहर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के पीछे ‘सबसे बड़ा कारण’ प्रदूषण है. Also Read - Third Wave of Corona in Delhi: एक दिन में फिर 121 लोगों की गई जान, 24 घंटे में 6746 नए मामले, बदतर हुए हालात

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘ पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं. मैं इसको लेकर चिंतित हूं. हमने इसे नियंत्रण में करने के लिए सभी उचित कदम उठाए हैं. अगले सप्ताह हम इस संबंध में और कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं. मेरा मानना है कि स्थिति सात से 10 दिन के भीतर नियंत्रण में आ जानी चाहिए और मामले कम होने लगेंगे.’’ Also Read - Coronavirus in Delhi: दिल्ली में नहीं थम रहा कोरोना का कहर, एक दिन में 111 लोगों की मौत, 5,879 नए मामले

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के पीछे सबसे बड़ा कारण प्रदूषण है. यहां 20 अक्टूबर तक स्थिति नियंत्रण में थी.’’ एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा द्वारा पराली को गलाने के लिए तैयार किए गए मिश्रण से दिल्ली के 24 गांवों में 70 से 95 फीसदी पराली विघटित हो चुकी है. Also Read - Delhi Lockdown Latest News: बढ़ रहे कोरोना के मामले, कहीं लगा कर्फ्यू तो कहीं बंद हुए स्कूल, क्या दिल्ली में फिर लगने वाला है Lockdown?

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के पास एक याचिका दाखिल करेगी और इसमें इस रिपोर्ट को शामिल करेगी और अपील करेगी कि सभी राज्य सरकारों को इसे लागू करने के निर्देश जारी किए जाएं.

प्रशासन ने बताया कि दिल्ली में एक दिन में कोविड-19 के 7,053 नए मामले सामने आए हैं और कुल संक्रमितों की संख्या बृहस्पतिवार को 4.67 लाख के पार चली गयी. वहीं इस अवधि में 104 मरीजों की मौत हुई, जो कि पिछले पांच महीने में सबसे ज्यादा है. अब तक कुल 7,332 लोगों की मौत हो चुकी है.