नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर द्वारा अपनी सांसद निधि से की गई 50 लाख रुपये की पेशकश को दिल्ली सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किये जाने की बात कहने के बाद, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि रुपयों की समस्या नहीं है बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिये सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता नहीं होना समस्या है. गंभीर ने एक ट्वीट में कहा कि केजरीवाल और उनके उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का “बड़ा अहं” उन्हें स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 50 लाख रुपये नहीं लेने दे रहा. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

गंभीर ने ट्वीट किया, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके डिप्टी सीएम ने कहा था कि फंड की जरूरत है, लेकिन उनका अहं मेरे एलएडी फंड से 50 लाख रुपये लेना स्वीकार नहीं कर रहा. इसलिए मैं 50 लाख रुपये और जोड़ रहा हूं, ताकि निर्दोष लोगों को परेशानी न हो. एक करोड़ रुपयों से कम से कम मास्क और पीपीई की तात्कालिक जरूरत पूरी हो जाएगी. उम्मीद है कि वे दिल्ली को प्राथमिकता देंगे.” Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया, “गौतम जी, आपकी पेशकश के लिये शुक्रिया. समस्या पैसों की नहीं पीपीई किटों की उपलब्धता की है. हम बहुत शुक्रगुजार होंगे अगर आप उन्हें तत्काल कहीं से दिलाने में हमारी मदद कर सकें. दिल्ली सरकार उन्हें खरीद लेगी. शुक्रिया.” गंभीर ने केजरीवाल को सोमवार को लिखे गए एक पत्र में कहा कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में बढ़ती चिकित्सीय उपकरणों की मांगों को पूरा करने के लिए धन की जरूरत है. Also Read - Coronavirus Effect: अब इस राज्य में पोस्टमैन घर-घर पहुंचाएंगे आम और लीची, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

भाजपा सांसद ने एक पत्र में लिखा, “दो सप्ताह पहले मैंने 50 लाख रुपये देने की बात कही थी, मैं आगे भी आपके कार्यालय को अपने एमपीएलएडी कोष से 50 लाख रुपये देने की इस उम्मीद में पेशकश करता हूं कि इस धन का इस्तेमाल चिकित्साकर्मियों के लिए उपकरण खरीदने और कोविड-19 के इलाज में हेागा. ‘’

गंभीर ने इससे पहले आप सरकार पर इस मुद्दे पर ‘घड़ियाली आंसू बहाने’ और विक्टिम कार्ड (पीड़ित दिखने) खेलने का आरोप लगाया था और पीपीई किट और मास्क खरीदने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की थी लेकिन इस पर कोई जवाब दिल्ली सरकार की ओर से नहीं आया था. केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने पीपीई किट के लिये केंद्र सरकार से मांग की है लेकिन कोई जवाब नहीं आया है.

सिसोदिया ने दिल्ली में कोरोना वायरस से निपटने के लिये केंद्र से आपदा फंड की मांग करते हुए कहा था कि वह देश का इस महामारी से तीसरा सबसे प्रभावित राज्य है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने आपदा कोष से राज्यों के लिए 17000 करोड़ रुपये जारी किए हैं लेकिन एक भी रुपया दिल्ली को नहीं मिला है.

सिसोदिया ने एक ट्वीट में कहा, “मैंने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर दिल्ली के लिए भी आपदा फंड की माँग की है. केंद्र ने राज्यों को कोरोना से लड़ने के लिए, आपदा फंड से 17 हज़ार करोड़ जारी किए लेकिन दिल्ली को इसमें एक रुपया भी नहीं दिया. इस समय पूरे देश को एक होकर लड़ना चाहिए. इस तरह का भेदभाव दुर्भाग्यपूर्ण है.” दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया है जबकि सात लोगों की मौत हुयी है.

(इनपुट भाषा)