नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि अगर राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी/NRC) लागू किया गया, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिल्ली प्रमुख मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) को सबसे पहले शहर छोड़ना होगा. तिवारी ने बयान दिया था कि दिल्ली में बढ़ते अपराध के लिए अवैध प्रवासी जिम्मेदार हैं. इसी बयान के संबंध में जब केजरीवाल से पूछा गया तो उन्होंने यह टिप्पणी की.

हनी ट्रैप: नेताओं, अफसरों के लिए बुलाई जाती थीं 40 कॉल गर्ल्स, कई बॉलीवुड एक्ट्रेस, मॉडल भी शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर दिल्ली में एनआरसी लागू किया गया तो पहले तिवारी को दिल्ली छोड़ना होगा.” तिवारी दिल्ली से लोकसभा सांसद हैं. वह असम की तरह ही राष्ट्रीय राजधानी में भी एनआरसी की मांग कर रहे हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में तिवारी ने आईएएनएस को बताया कि एनआरसी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शहर में रहने वाले अवैध विदेशी प्रवासियों का कोई रिकॉर्ड नहीं है, जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं.

ब्यूरोक्रेसी का अनोखा चेहरा बने IAS राम सिंह, सब्जी खरीदने 10KM जाते हैं पैदल, सादगी के फैन हुए लोग

तिवारी ने कहा, “अवैध प्रवासियों का कोई रिकॉर्ड नहीं है. वे अपराध करते हैं, लेकिन हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है. वे देश विरोधी गतिविधियां भी कर सकते हैं. यह लोगों के साथ-साथ देश की सुरक्षा के लिए भी एक खतरा है.” उन्होंने स्पष्ट किया, “एनआरसी केवल उन लोगों पर लागू होगा, जो देश से बाहर के हैं. देश के किसी भी हिस्से से दिल्ली में रहने वाले किसी भी भारतीय व्यक्ति इससे प्रभावित नहीं होंगे. यह मुद्दा केवल अवैध विदेशी प्रवासियों के लिए है.”