नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चार नवंबर से शुरू हो रही सम-विषम योजना (Odd-Even Scheme) में महिलाओं को छूट दी जाएगी. यह योजना 15 नवम्बर तक चलेगी. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में तीसरी बार लागू की जा रही योजना में निजी सीएनजी वाहनों को इस बार छूट नहीं दी जाएगी. हालांकि पिछली दो बार सीएनजी गाड़ियों को छूट दी गई थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कारें महिलाएं चला रही हों या जिन कारों में सभी महिलाएं सवार हों और महिलाओं के साथ 12 साल से कम उम्र का बच्चा जिस गाड़ी में होगा, उसे छूट दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह निर्णय किया गया है. सीएनजी गाड़ियों के लिए नीति में बदलाव पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ सम-विषम के पिछले संस्करणों में, सीएनजी वाहनों को छूट दी गई थी, लेकिन हमने देखा कि वाहनों को छूट के लिए सीएनजी स्टीकरों को काला बजार में बेचा गया और कुछ लोगों ने इस योजना से बचने के लिए स्टीकरों का दुरुपयोग किया था. इस तरह से सम-विषम के उद्देश्य को धक्का लगा था.’’ उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहनों को योजना के तहत छूट दी जाए या नहीं इस पर निर्णय किया जाना है और इस पर विशेषज्ञों से चर्चा चल रही है.

केजरीवाल ने कहा कि दो पहिया वाहन प्रदूषण करते हैं और हमारा मानना है कि सम-विषम के तहत उन्हें छूट नहीं देनी चाहिए, लेकिन दिल्ली में दो पहिया गाड़ियों की संख्या को देखते हुए, उनमें से आधी को सड़कों से हटा देना अव्यावहारिक है. दिल्ली के पास सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इतनी बड़ी तादाद में लोगों को समाहित करने की क्षमता नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार इस अंतरर्विरोध को हल करने कोशिश कर रही है. वे कार्यालय के समय को अलग अलग रखने पर अंतिम फैसला लेने की कोशिश कर रहे हैं और विशेषज्ञों के साथ सलाह-मशविरा जारी है.

आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख ने सम-विषम के दौरान कार पूलिंग (कार को साझा करना) करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया और कहा कि गत दोनों बार लेागों ने इसे चुना. उन्होंने कहा कि नए मोटर यान अधिनियम के तहत कितना जुर्माना होना चाहिए इस पर विचार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारा मकसद (योजना का) उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का नहीं है, लेकिन उनसे नियमों का पालन करने का अनुरोध करते हैं, लेकिन नियम का उल्लंघन करने वालों पर नए मोटर यान अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा. हम जुर्माने की राशि पर विचार कर रहे हैं.’’ परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सरकार सम-विषम के दौरान दो हजार निजी बसों को सेवा में लगाएगी और इसके लिए 50 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करेगी. उन्होंने कहा कि हमने उबर के अधिकारियों से भी मुलाकात की है और अन्य कैब संचालकों से भी मिलेंगे.

(इनपुट भाषा)