नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व पत्रकार आशुतोष ने बुधवार की सुबह पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने इसके पीछे नीजी वजह बताया है.उन्होंने आप की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) को इस्तीफा भेज कर खुद को पार्टी से अलग करने की सूचना दे दी है. इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आशुतोष के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा, हम आपका इस्तीफा कैसे स्वीकार कर सकते हैं? ना, इस जनम में तो नहीं.Also Read - Delhi Corona Update: दिल्ली में लगातार 7वें दिन कोरोना से नहीं गई किसी की जान, एक्टिव केस फिर हुए 400 से कम

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बता दें कि आशुतोष ने आज ट्वीट कर अपने फैसले की सार्वजनिक घोषणा की. टि्वटर पर अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने कहा कि निजी कारणों से उन्होंने यह फैसला लिया है. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से आशुतोष ने खुद को आम आदमी पार्टी की गतिविधियों से पूरी तरह अलग कर लिया था. सियासी गलियारों में आशुतोष के इस्तीफे को बीते दिनों राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से उनका नाम प्रस्तावित नहीं किया जाना माना जा रहा है. Also Read - Delhi Corona Update: दिल्ली में लगातार पांचवें दिन कोरोना से नहीं गई किसी की जान, बीते 24 घंटे में 30 नए मामले

टि्वटर पर किया आग्रह- पीएसी स्वीकार करे इस्तीफा
आशुतोष ने आप से इस्तीफा देने की जानकारी टि्वटर पर दी. उन्होंने कहा, ‘हर यात्रा का अंत अवश्यंभावी है. आप के साथ मेरे खूबसूरत और क्रांतिकारी जुड़ाव का भी अंत हो गया है.’ आशुतोष ने ट्वीट में बताया, ‘मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है.’ उन्होंने पार्टी से इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि यह नितांत निजी कारणों से लिया गया फैसला है.आशुतोष ने आप के साथ अपने सियासी सफर में उन्हें सहयोग देने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया. पार्टी की ओर से इस बारे में फिलहाल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है.

2015 के बाद आप से अलग होने वाले चौथे नेता
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में दिल्ली में केजरीवाल सरकार के गठन के बाद आप से अलग हुए प्रमुख नेताओं की फेहरिस्त में आशुतोष, चौथा बड़ा नाम हैं. इससे पहले आप के संस्थापक सदस्य योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं. पिछले कुछ समय से पार्टी की गतिविधियों से अलग चल रहे कुमार विश्वास भी आप नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं. पूर्व पत्रकार आशुतोष ने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को मिली कामयाबी के फलस्वरूप केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में वह आप के टिकट पर दिल्ली की चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़े थे. हालांकि इसमें उन्हें भाजपा के डॉ. हर्षवर्धन के सामने हार का सामना करना पड़ा था.