नई दिल्ली, 13 जून। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पानी टैंकर घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। केजरीवाल ने यहां दिल्ली विधानसभा में कहा, “हमने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप राज्यपाल नजीब जंग को घोटाले पर एक रिपोर्ट सौंपी है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शीला दीक्षित दो माह के अंदर जेल जाएं।” Also Read - मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर धरने पर बैठे दिल्ली के तीनों महापौर, जानें क्या है वजह...

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केजरीवाल ने विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता पर भी ताना मारा और कहा कि यदि प्रधानमंत्री शीला दीक्षित को जेल भेजने में नाकाम रहते हैं तो गुप्ता इस्तीफा दे देंगे। यदि वह इस्तीफा नहीं देंगे तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे। यह भी पढ़े-AAP के 21 विधायकों की सदस्यता खतरे में, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लौटाया बिल Also Read - School opening in Delhi: अरविंद केजरीवाल बोले- दिल्ली में अभी नहीं खुलेंगे स्कूल

आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वर्ष 2015 के जून में शीला दीक्षित सरकार के शासनकाल वर्ष 2012 में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा 385 स्टेनसेल स्टील के पानी टैंकर किराये पर लेने में अनियमितताओं की सच्चाई का पता लगाने के लिए कमेटी गठित की थी।

इस पांच सदस्यीय कमेटी का गठन दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने किया था। पिछले साल अगस्त में केजरीवाल को जो रिपोर्ट सौंपी गई उसमें किराये पर पानी टैंकर लेने की निविदा प्रक्रिया में कथित रूप से 400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का प्रमुखता के साथ उल्लेख किया गया है। यह भी पढ़े-दिल्ली में जंगल राज: केजरीवाल

इसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की गई है। लगभग एक साल बाद सोमवार को यह रिपोर्ट आप सरकार ने प्रधानमंत्री और उप राज्यपाल को यह रिपोर्ट भेजी।