नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने विशेष रूप से निजी क्षेत्र के अस्पतालों एवं क्लीनिकों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच उन मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देने से इनकार नहीं किया जाए, जिन्हें डायलसिस, खून चढ़ाने या कीमोथैरेपी जैसी अहम स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है. दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंगला द्वारा जारी आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोविड-19 के मरीजों का उपचार नहीं कर रहे अस्पताल एवं नर्सिंग होम इस आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उनका ‘पंजीकरण रद्द कर दिया’ जाएगा. Also Read - कोविड-19 की भेंट चढ़ा हैदराबाद ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट, कोच पुलेला गोपीचंद ने किया रिएक्ट

आदेश में कहा गया है, ‘‘यह पता चला है कि निजी क्षेत्र के कुछ अस्पताल कोविड-19 संक्रमण के भय के कारण या अस्पताल/क्लीनिक बंद रखकर डायलसिस, खून चढ़ाने और कीमोथैरेपी जैसी अहम सुविधाएं देने में झिझक रहे हैं.’’ आदेश में कहा गया है कि यह देखा गया है कि कई अस्पताल/क्लीनिक सेवाएं देने से पहले कोविड-19 की जांच कराने पर जोर दे रहे हैं. Also Read - Unlock 1 के बीच इस राज्य की सरकार ने उठाए कड़े कदम, वीकेंड के दो दिन रहेगा पूरी तरह से लॉकडाउन

इसमें कहा गया है कि खासकर निजी क्षेत्र से सभी अस्पतालों/क्लीनिकों को सेवाएं चालू रखने और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया जाता है कि उन मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देने से इनकार नहीं किया जाए, जिन्हें डायलसिस, खून चढ़ाने या कीमोथैरेपी जैसी अहम स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है. इसमें कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया जाएगा और पंजीकरण रद्द करने समेत कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. Also Read - लॉकडाउन में बुर्जुग पिता कर रहे इस भारतीय विकेटकीपर की प्रैक्टिस में मदद