नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने विशेष रूप से निजी क्षेत्र के अस्पतालों एवं क्लीनिकों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच उन मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देने से इनकार नहीं किया जाए, जिन्हें डायलसिस, खून चढ़ाने या कीमोथैरेपी जैसी अहम स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है. दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंगला द्वारा जारी आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोविड-19 के मरीजों का उपचार नहीं कर रहे अस्पताल एवं नर्सिंग होम इस आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उनका ‘पंजीकरण रद्द कर दिया’ जाएगा. Also Read - Delhi Corona Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे में 158 नए मामले और 10 की मौत, एक्टिव केस 2500 के करीब

आदेश में कहा गया है, ‘‘यह पता चला है कि निजी क्षेत्र के कुछ अस्पताल कोविड-19 संक्रमण के भय के कारण या अस्पताल/क्लीनिक बंद रखकर डायलसिस, खून चढ़ाने और कीमोथैरेपी जैसी अहम सुविधाएं देने में झिझक रहे हैं.’’ आदेश में कहा गया है कि यह देखा गया है कि कई अस्पताल/क्लीनिक सेवाएं देने से पहले कोविड-19 की जांच कराने पर जोर दे रहे हैं. Also Read - Lockdown Update: बांग्लादेश में ढील के साथ 15 जुलाई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन

इसमें कहा गया है कि खासकर निजी क्षेत्र से सभी अस्पतालों/क्लीनिकों को सेवाएं चालू रखने और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया जाता है कि उन मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देने से इनकार नहीं किया जाए, जिन्हें डायलसिस, खून चढ़ाने या कीमोथैरेपी जैसी अहम स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है. इसमें कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया जाएगा और पंजीकरण रद्द करने समेत कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. Also Read - कोरोना की दवाओं की जमाखोरी का आरोप, MLA ने कोर्ट में कहा- BJP नेताओं ने बांटे थे रेमडेसिविर इंजेक्शन